सरमेरा में पांच साल के मासूम संग अप्राकृतिक यौनाचार, हालत गंभीर, आरोपी फरार

सरमेरा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र में एक पांच साल के मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का मामला सामने आया है। आरोपी युवक गांव का ही निवासी है और घटना को अंजाम देकर फरार है। जबकि पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना शाम की है, जब बच्चा अपने घर के पास ही दोस्तों के साथ खेल रहा था। बच्चे की मां ने नालंदा दर्पण को बताया कि उनका बेटा हमेशा की तरह खुशी-खुशी खेल में मग्न था। तभी गांव में ही रहने वाला 20 वर्षीय प्रहलाद ढाढ़ी पहुंचा और उसने मासूम को बिस्किट और चॉकलेट का लालच देकर बहलाया-फुसलाया और उसे पास के खेत की ओर ले गया। वहां अकेले में उसने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया और मौके से भाग निकला। आरोपी प्रहलाद ढाढ़ी खुद एक बच्चे का पिता है और खेती-बाड़ी से गुजारा करता है।
बच्चे की मां ने आंसू भरी आंखों से आगे कहा कि मेरा बेटा शाम को खेलने गया था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। मैं चिंतित हो गई और शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी, तभी उसकी चीखें सुनाई दीं। मैं दौड़ी-भागी वहां पहुंची तो वह रोते-बिलखते हुए मिला। उसने सिसकते हुए पूरी बात बताई कि कैसे उस आदमी ने उसे चॉकलेट देकर ले जाकर गलत काम किया। मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई।
उन्होंने तुरंत बच्चे को उठाया और सरमेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गईं, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक इलाज के बाद उसे बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार बच्चे की हालत स्थिर है, लेकिन मनोवैज्ञानिक प्रभाव गहरा हो सकता है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि प्रहलाद ढाढ़ी हमारे गांव का ही है। वह शादीशुदा है और एक छोटे बच्चे का बाप भी। दिनभर खेतों में काम करता है, लेकिन कौन जानता था कि उसके मन में इतनी कुटिलता छिपी है? घटना के बाद से वह गांव छोड़कर भाग गया है। हम सब पुलिस से न्याय की मांग कर रहे हैं।
सरमेरा थानाध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पीड़ित बच्चे और उसकी मां के बयान के आधार पर हमने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और लगातार छापेमारी चल रही है। पुलिस जल्द ही उसे पकड़ लेंगी और कानून के अनुसार सजा दिलवाएंगी।
बहरहाल, यह घटना न केवल एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत महसूस हो रही है। नालंदा दर्पण ऐसे मामलों पर नजर रखते हुए न्याय की आवाज बुलंद करता रहेगा। (नालंदा दर्पण संवाददाता सुजीत सिन्हा की रिपोर्ट)





