
बेन (नालंदा दर्पण)। बेन बाजार में लंबे समय से चल रहे नकली रिफाइन तेल के अवैध कारोबार का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। फॉर्च्यून कंपनी की जांच टीम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में फॉर्च्यून के नाम पर घटिया क्वालिटी का रिफाइन तेल बेचने वाले मिलावटखोरों को पकड़ा गया है। छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके के दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, फॉर्च्यून कंपनी के प्रमुख जांचकर्ता रंजीत कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि बेन बाजार क्षेत्र में फॉर्च्यून ब्रांड के नाम से नकली रिफाइन तेल की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर पिछले दो महीनों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद जांच टीम ने पुलिस के सहयोग से बेन बाजार स्थित एक मकान में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकली रिफाइन तेल बरामद किया। मौके से फॉर्च्यून और गगन एक्टिव सोयाबीन रिफाइन के खाली टिन, बजाज अलमान्ड आयल के डिब्बे और रैपर भी जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि खराब गुणवत्ता वाले रिफाइंड तेल को फॉर्च्यून के 15 लीटर वाले टिन में भरकर उस पर फॉर्च्यून का स्टीकर लगाया जाता था और फिर उसे असली बताकर बाजार में खपाया जाता था।
टीम ने कुल 16 टिन में भरे 240 लीटर फॉर्च्यून और गगन एक्टिव ब्रांड के नकली रिफाइन तेल के अलावा 296 पीस बजाज अलमान्ड आयल को जब्त कर सील कर दिया है। यह पूरा अवैध धंधा लखन प्रसाद नामक व्यक्ति के घर से संचालित हो रहा था, जहां से नकली रिफाइन की बरामदगी हुई।
प्रमुख जांचकर्ता रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह मिलावट उपभोक्ताओं की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है। नकली रिफाइन न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ कंपनी आगे भी सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ बेन थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस नकली रिफाइन के तार आसपास के अन्य बाजारों से भी जुड़े हो सकते हैं। छापेमारी के बाद क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आम उपभोक्ताओं में भी चिंता देखी जा रही है।





