सुलभ संपर्कता योजनाः DM ने की इन 3 महत्वपूर्ण सड़क निर्माण की अनुशंसा

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सुलभ संपर्कता योजना के तहत तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए अनुशंसा की है। यह प्रभावित क्षेत्रों में न केवल आवागमन को आसान बनाएंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएंगी। इन परियोजनाओं से हजारों लोगों को लाभ होगा। समय और दूरी की बचत होगी और क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि को नया बल मिलेगा।
अस्थावां प्रखंड के तहत प्रस्तावित गोटिया से बेलछी सड़क की लंबाई 5 किलोमीटर होगी। इस सड़क के बनने से अस्थावां से कतरीसराय जाने वाली दूरी 5 किलोमीटर कम हो जाएगी, और यात्रा में लगभग आधा घंटा समय बचेगा।
इस परियोजना से लगभग 4000 लोग लाभान्वित होंगे। लेकिन यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। सोचिए, एक किसान जो अपनी फसल को बाजार तक ले जाता है, अब कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकेगा। एक छात्र जो स्कूल या कॉलेज के लिए लंबी यात्रा करता है, अब अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता पाएगा। यह सड़क केवल कंक्रीट और डामर का मार्ग नहीं, बल्कि अवसरों का एक नया रास्ता है।
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना है एन-82 पचेतन रोड से धोबी बिगहा मोड़, जो देशना और अंदी गांव से होकर गुजरेगी। इस 11.8 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण से अस्थावां रेलवे स्टेशन तक की दूरी 10 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों को एक घंटे का समय बचेगा। इस परियोजना से 6500 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। यह सड़क समय और संसाधनों की बचत का प्रतीक बनेगी।
तीसरी परियोजना खाजेअहमद से अमरसिंह बिगहा तक 4.5 किलोमीटर लंबी सड़क है, जो महमूदाबाद और अमावां से होकर गुजरेगी। इस सड़क के बनने से खाजेअहमद से बेनार की दूरी 5 किलोमीटर और अस्थावां रेलवे स्टेशन की दूरी 6 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे आधा घंटा समय बचेगा और लगभग 4000 लोग लाभान्वित होंगे। यह सड़क न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि आसपास के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ेगी।
प्रशासन का मानना है कि इन तीनों परियोजनाओं का कुल प्रभाव 14500 से अधिक लोगों के जीवन पर पड़ेगा। समय की बचत, दूरी में कमी और बेहतर संपर्कता से नालंदा के ग्रामीण क्षेत्रों में नई संभावनाएं जन्म लेंगी।





