Home प्रशासन बौखलाए ACS सिद्धार्थ: गप्पबाज़ शिक्षकों को मिलेगी अनोखा सजा!

बौखलाए ACS सिद्धार्थ: गप्पबाज़ शिक्षकों को मिलेगी अनोखा सजा!

ACS Siddhartha is furious Gossiping teachers will get a unique punishment!
ACS Siddhartha is furious Gossiping teachers will get a unique punishment!

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS )डॉ. एस. सिद्धार्थ ने साफ कर दिया है कि जो शिक्षक स्कूल को ‘चर्चा मंच’ समझते हैं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी से भागते हैं, उन्हें अब राजधानी जैसे जिलों में रहने का हक नहीं रहेगा।

शिक्षा की बात हर शनिवार कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिद्धार्थ ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जो शिक्षक स्कूल में गप्प हांकने आते हैं, उन्हें पटना में नहीं रखा जाएगा। वे सीधे बॉर्डर के जिलों में भेजे जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिद्धार्थ ने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया, जिसने उन्हें भावुक भी किया और आक्रोशित भी। उन्होंने बताया कि पटना की निवासी नीता गुप्ता नामक महिला ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक शिकायत भेजी। उसमें लिखा था-

“विद्यालय में न पढ़ाई होती है, न शिक्षक समय पर आते हैं। मेरा बेटा रोज कहता है कि मां, मुझे प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिला दो। यहां के शिक्षक सिर्फ गप्प लड़ाते हैं, पढ़ाई नहीं कराते। कृपया आप स्वयं जांच कराइए।”

इस संदेश को पढ़ने के बाद एसीएस ने तुरंत संबंधित विद्यालय की जांच के आदेश दिये और स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि आरोप सही पाए गए तो उस विद्यालय के सभी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

डॉ. सिद्धार्थ ने दो टूक कहा कि अगर कोई यह समझता है कि पटना जैसे शहर में रहकर केवल आराम करेगा और पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं निभाएगा तो वह बड़ी भूल कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की तरफ से निर्देश है कि जांच में दोषी पाए जाने पर शिक्षक की तैनाती जिले से बाहर कर दी जाएगी।

डॉ. सिद्धार्थ ने यह भी बताया कि शिक्षकों के तबादले के लिए जो सॉफ्टवेयर उपयोग में लाया जा रहा है वह पूरी तरह कोडित और सुरक्षित है। डीईओ स्तर के अधिकारी तक को यह नहीं पता चलता कि किस शिक्षक की पोस्टिंग कहां होगी। स्वयं भी इस प्रक्रिया का पूरा विवरण नहीं जानते। पोस्टिंग फाइनल होने के बाद ही डायरेक्टर प्राइमरी एजुकेशन उसकी समीक्षा करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई शिक्षक को मनचाही पोस्टिंग दिलाने के नाम पर पैसा मांगता है तो वह साइबर ठगी के दायरे में आएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

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