
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय रेलवे की सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दानापुर मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) राजीव कुमार ने विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से राजगीर रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया।

यह निरीक्षण यात्रा दानापुर से शुरू होकर बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड के प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए राजगीर में संपन्न हुई। विंडो ट्रेलिंग इंस्पेक्शन के दौरान एडीआरएम ने रेलवे की सुरक्षा मानदंडों, रख-रखाव की स्थिति और चल रहे विकास कार्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और रेल सेवाएं और अधिक कुशल बन सकें।
निरीक्षण की शुरुआत दानापुर से हुई, जहां से स्पेशल ट्रेन बख्तियारपुर होते हुए हरनौत, वेना, बिहारशरीफ, पावापुरी और नालंदा स्टेशनों से गुजरती हुई राजगीर पहुंची। इस पूरी यात्रा के दौरान एडीआरएम राजीव कुमार ने रेलखंड के हर पहलू का बारीकी से जायजा लिया।
उन्होंने रेलवे ट्रैक, पुलों, लेबल क्रॉसिंग गेट्स, कर्व्स और विभिन्न हाल्ट्स की स्थिति की गहन जांच की। विशेष रूप से, रेल लाइन और पुलों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह से नकारते हुए सुरक्षा मानकों के पूर्ण पालन पर जोर दिया गया। एडीआरएम ने संबंधित पदाधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को तुरंत दूर किया जा सके।

इस निरीक्षण का एक प्रमुख हिस्सा रेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजगीर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा रहा। एडीआरएम ने स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्यों का अवलोकन किया, जिसमें प्लेटफॉर्म विस्तार, वेटिंग हॉल, लाइटिंग सिस्टम और अन्य सुविधाओं का विकास शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ये कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि राजगीर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल पर आने वाले यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। राजगीर स्टेशन न केवल नालंदा जिले का प्रमुख रेलवे हब है, बल्कि बौद्ध और जैन तीर्थयात्रियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, इसलिए इसके विकास से क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजगीर स्टेशन परिसर में पहुंचने पर एडीआरएम ने परिचालन व्यवस्थाओं का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने रनिंग रूम, टू लाबी, गेस्ट हाउस और कंट्रोल पैनल का दौरा किया। इन सुविधाओं की स्थिति पर संतोष जताते हुए भी उन्होंने कुछ सुधारात्मक सुझाव दिए, जैसे कि रनिंग रूम में स्टाफ की सुविधाओं को और बेहतर बनाना तथा कंट्रोल पैनल की तकनीकी दक्षता को बढ़ाना।
एडीआरएम ने जोर देकर कहा कि रेलवे की हर व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर आधारित होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रणालियां सुचारु रूप से चल रही हैं और किसी भी छोटी-मोटी खामी को तत्काल ठीक किया जाए।
इस पूरे निरीक्षण अभियान में दानापुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें डीएचएनएम सुमित कुमार, एसएसई दिलीप कुमार, स्टेशन प्रबंधक चंद्र भूषण सिन्हा के अलावा अन्य इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों की यह टीम एडीआरएम के निर्देशों को त्वरित रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आई। एडीआरएम राजीव कुमार ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि रेलवे की सुरक्षा और सेवा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह निरीक्षण न केवल बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड की सुरक्षा को मजबूत बनाएगा, बल्कि अमृत भारत स्टेशन योजना जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट्स को गति प्रदान करेगा। रेलवे प्रशासन की इस सक्रियता से यात्रियों में विश्वास बढ़ेगा और रेल यात्रा और अधिक सुरक्षित व आरामदायक बनेगी। आने वाले दिनों में इस रेलखंड पर और बेहतर परिवर्तन देखने को मिलेंगे।





