एशिया रग्बी चैंपियनशिप: हांगकांग और चीन बने चैंपियन, भारतीय महिला टीम ने जीता कांस्य

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार की ऐतिहासिक धरती राजगीर में खेल का एक रोमांचक उत्सव संपन्न हुआ, जहां एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेंस चैंपियनशिप ने युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। राजगीर खेल विश्वविद्यालय के हरे-भरे मैदान पर दो दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में तेज रफ्तार दौड़, शानदार टैकल और हाई-वोल्टेज मुकाबलों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पुरुष वर्ग में हांगकांग ने अपनी दबंगई दिखाते हुए खिताब जीता, जबकि महिला वर्ग में चीन की टीम ने रोमांचक फाइनल में बाजी मारी। भारतीय टीमों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा, जहां महिला टीम ने कांस्य पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया, वहीं पुरुष टीम छठे स्थान पर रही।
टूर्नामेंट का समापन एक भव्य समारोह के साथ हुआ, जहां खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बे को सलाम किया गया। यह चैंपियनशिप न केवल एशियाई स्तर पर रग्बी के विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि बिहार जैसे राज्य में इस खेल की लोकप्रियता को भी नई दिशा प्रदान करेगी। आइए, इस रोचक टूर्नामेंट की विस्तृत कहानी जानते हैं।
पुरुष वर्ग: हांगकांग की धमाकेदार जीत
पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला हांगकांग और श्रीलंका के बीच खेला गया, जो एकतरफा साबित हुआ। हांगकांग की टीम ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और श्रीलंका को कोई मौका नहीं दिया। तेज पासिंग, सटीक किक्स और मजबूत डिफेंस के दम पर हांगकांग ने 33-0 से शानदार जीत दर्ज की।
यह स्कोर न केवल हांगकांग की श्रेष्ठता को दर्शाता है, बल्कि श्रीलंका की टीम के लिए एक सबक भी है। टूर्नामेंट भर हांगकांग ने अपनी रणनीति से सभी को प्रभावित किया, और यह जीत उनके युवा खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है।
महिला वर्ग: चीन का कड़ा मुकाबला और जीत
महिला वर्ग का फाइनल मैच चीन और हांगकांग के बीच हुआ, जो टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मुकाबला साबित हुआ। दोनों टीमों ने मैदान पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन चीन की खिलाड़ियों ने अनुशासन और टीमवर्क से बाजी मार ली।
मैच में चीन ने 29 अंक बनाए, जबकि हांगकांग 21 अंकों पर सिमट गई। आठ अंकों के इस अंतर ने मैच को और भी दिलचस्प बना दिया। चीन की टीम ने अपनी स्पीड और स्ट्रैटेजी से हांगकांग को पीछे छोड़ दिया, जो इस चैंपियनशिप में उनकी दूसरी बड़ी जीत थी। यह खिताब चीन के महिला रग्बी को नई पहचान देगा।
भारतीय महिला टीम: शानदार वापसी और कांस्य पदक
भारतीय महिला टीम का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उनका जज्बा काबिले-तारीफ था। टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ हुई, जब पहले पूल मैच में कजाकिस्तान को 17-10 से हराया गया। इसके बाद यूएई पर 31-7 की धमाकेदार जीत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर दी। हालांकि हांगकांग के खिलाफ 31-7 से मिली हार ने थोड़ा मायूस किया, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।
सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेला गया, जहां 28-7 से हार झेलनी पड़ी। लेकिन तीसरे स्थान के प्लेऑफ में टीम ने कमाल की वापसी की। उज्बेकिस्तान के खिलाफ 12-5 से जीत दर्ज कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
कुल पांच मैचों में तीन जीत हासिल करने वाली टीम की स्टार खिलाड़ी रहीं भूमिका शुक्ला, जिन्होंने 28 अंक जुटाए। उनकी तेज दौड़ और सटीक स्कोरिंग ने टीम को कई मौकों पर संभाला। यह पदक भारतीय महिला रग्बी के लिए एक मील का पत्थर है, जो युवा लड़कियों को इस खेल की ओर आकर्षित करेगा।
भारतीय पुरुष टीम: छठे स्थान पर संतोष, गोल्डन कुमार बने स्टार
भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। अभियान की शुरुआत यूएई पर 24-17 की जीत से हुई, लेकिन अगले मैचों में श्रीलंका और हांगकांग से 24-5 के समान अंतर से हार मिली। पांचवें-छठे स्थान के प्लेऑफ में पहले मुकाबले में कजाकिस्तान को 24-19 से हराया, लेकिन अंतिम मैच में यूएई से 21-19 की करीबी हार ने छठा स्थान तय कर दिया।
कुल पांच मैचों में दो जीत दर्ज करने वाली टीम के शीर्ष स्कोरर बने बिहार के गोल्डन कुमार, जिन्होंने 24 अंक हासिल किए। गोल्डन की परफॉर्मेंस बिहार के लिए गौरव का विषय है, और यह दिखाता है कि राज्य में रग्बी की प्रतिभाएं उभर रही हैं।
यह चैंपियनशिप राजगीर के लिए एक यादगार आयोजन रहा, जहां एशियाई देशों के युवा खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता दिखाई। भारतीय टीमों के प्रदर्शन से साफ है कि रग्बी में भारत का भविष्य उज्ज्वल है। नालंदा दर्पण की ओर से सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई!










