बिहारशरीफ का भरावपर फ्लाइओवर दशहरा तक चालू, मिलेगी ट्रैफिक से राहत

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ शहर के हृदय स्थल में बन रहा भरावपर फ्लाइओवर अब अपने अंतिम चरण में है। 85 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो दशहरा से पहले यह फ्लाइओवर शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात बनकर तैयार होगा।
यह फ्लाइओवर न केवल बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 2022 में शुरू हुए इस फ्लाइओवर के निर्माण की लागत शुरू में 52 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन संकरी जगहों पर निर्माण और स्थानीय विरोध जैसी चुनौतियों ने लागत को बढ़ाकर 84 करोड़ रुपये तक पहुँचा दिया।
इन अड़चनों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों, जैसे- मोनो-पाइल फाउंडेशन और प्री-कास्ट गर्डर का सहारा लिया गया। ये तकनीकें न केवल निर्माण को गति दे रही हैं, बल्कि फ्लाइओवर की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रही हैं।
वर्तमान में फ्लाइओवर के 46 पिलरों पर ढलाई का कार्य पूरा हो चुका है और शेष 11 पिलरों पर तेजी से काम चल रहा है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि हम दिन-रात कार्य कर रहे हैं, ताकि यह परियोजना समय पर पूरी हो सके। गर्डर कास्टिंग का कार्य भी जोरों पर है।
क्या आपने कभी कारगिल चौक पर लंबी ट्रैफिक जाम में फंसकर समय गंवाया है? या एलआईसी मोड़ पर भीड़ से जूझते हुए परेशान हुए हैं? अगर हां तो यह फ्लाइओवर आपके लिए एक अच्छी खबर है। निर्माण पूरा होने के बाद यह फ्लाइओवर बिहारशरीफ के व्यस्ततम क्षेत्रों कारगिल चौक, एलआईसी मोड़ और भरावपर में ट्रैफिक की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
हालांकि निर्माण के अंतिम चरण में गर्डर कास्टिंग के कारण यातायात व्यवस्था में कुछ अस्थायी बदलाव किए गए हैं। 30 जुलाई से 25 अगस्त तक एलआईसी मोड़ से लहेरी थाना तक का मार्ग वन-वे कर दिया गया है। इस दौरान कारगिल चौक से भरावपर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।





