बिहार खेल विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक लोगो

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया। इस लोगो को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर सिन्हा ने लोगो का अनावरण करते हुए इसे विश्वविद्यालय के गौरव और दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।
लोकार्पण समारोह में कुलपति ने कहा कि यह लोगो केवल एक प्रतीक चिह्न नहीं है, बल्कि यह बिहार खेल विश्वविद्यालय के उस संकल्प को दर्शाता है, जो खेल शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। यह लोगो विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ले जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव रजनीकांत ने इस अवसर पर एक सर्कुलर जारी कर सभी विभागों, कार्यालयों और आधिकारिक पत्र-व्यवहार में नए लोगो के अनिवार्य उपयोग का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि यह लोगो हमारी एकता, समर्पण और खेल के प्रति जुनून का दर्पण है। यह हमें उस दिशा में प्रेरित करेगा, जहां हम खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना चाहते हैं।
लोगो का डिज़ाइन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। लोगो में शामिल रंग और प्रतीक खेल की ऊर्जा, गतिशीलता और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सह डीन निशिकांत तिवारी ने बताया कि लोगो का डिज़ाइन विश्वविद्यालय के उस विज़न को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें खेल को शिक्षा और अनुसंधान के साथ जोड़कर नई पीढ़ी को तैयार किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि यह लोगो सभी आधिकारिक दस्तावेजों, पत्रों, प्रकाशनों, प्रमाण पत्रों और विश्वविद्यालय की सभी गतिविधियों में अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने खेल प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्र में कई नई योजनाओं की घोषणा की है, जिनमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना शामिल है।
लोकार्पण समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने इस नए लोगो को विश्वविद्यालय की प्रगति और खेल के क्षेत्र में बिहार की बढ़ती पहचान का प्रतीक बताया। राजगीर से शुरू हुई यह यात्रा निश्चित रूप से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देगी।





