
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने घोषणा की है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 28,000 रिक्त पदों को भरने के लिए विद्यालय अध्यापक परीक्षा (टीआरई-4) का ऑनलाइन आवेदन 16 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे।
यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित होगी, जिसका परिणाम 20 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक प्रकाशित किया जाएगा। नालंदा जिले के लिए यह खबर इसलिए खास है, क्योंकि यहाँ के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीआरई-4 से पहले बिहार स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (एसटीईटी) का आयोजन किया जाएगा, जिसे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) संचालित करेगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 8 सितंबर से 16 सितंबर 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे और परीक्षा 4 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक होगी। परिणाम 1 नवंबर 2025 को घोषित होंगे।
नालंदा जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति को देखते हुए यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण एक शिक्षक को कई कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। टीआरई-4 के माध्यम से नालंदा में भी सैकड़ों नए शिक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण के लिए 5 सितंबर से 13 सितंबर 2025 तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प देना होगा और 14 से 18 सितंबर तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
शिक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार अब तक 1.90 लाख शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 1.30 लाख का स्थानांतरण पूरा हो चुका है। यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर लिया गया है, जिन्होंने शिक्षकों की सुविधा और शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।
पिछले कुछ वर्षों में बिहार ने शिक्षक भर्ती में उल्लेखनीय प्रगति की है। टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के माध्यम से 2.33 लाख विद्यालय अध्यापकों और 40,000 से अधिक प्रधानाध्यापकों व प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। वर्तमान में राज्य में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या 5.97 लाख से अधिक है। नालंदा जैसे ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र के लिए यह एक गर्व का क्षण है, क्योंकि यहाँ की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ये कदम महत्वपूर्ण साबित होंगे।





