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बर्ड फ्लू का बढ़ता प्रकोपः स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन में अंडा पर रोक

Bird flu outbreak on the rise: Eggs banned in school children's mid-day meals
Bird flu outbreak on the rise: Eggs banned in school children's mid-day meals

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बर्ड फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के 70 हजार मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले एक करोड़ से अधिक बच्चों के मध्याह्न भोजन से अंडे को हटा दिया है। शिक्षा विभाग ने इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। अब बच्चों को अंडे के स्थान पर मौसमी फल, जैसे सेव या केला दिया जाएगा। जिसका वजन सौ ग्राम होगा।

शिक्षा विभाग के इस महत्वपूर्ण निर्णय की आधिकारिक पुष्टि प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के माध्यम से की गई। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने निर्देश दिया है कि मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत शुक्रवार के निर्धारित मेनू से अंडे को हटा दिया जाए और उसके स्थान पर मौसमी फल उपलब्ध कराया जाए। इस निर्देश के पालन हेतु सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को कड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं।

बता दें कि बिहार समेत अन्य राज्यों में बर्ड फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस संक्रामक रोग से बचाव के लिए आम जनता को अंडे, मुर्गा और मांस के सेवन से परहेज करना चाहिए।

इसीलिए सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत अब तक प्रत्येक शुक्रवार को निर्धारित मेनू के अतिरिक्त बच्चों को एक उबला अंडा दिया जाता था, जबकि शाकाहारी बच्चों को मौसमी फल दिया जाता था। लेकिन बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विभाग ने स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस बदलाव को गंभीरता से लागू किया जाए और सभी बच्चों को गुणवत्ता युक्त मौसमी फल उपलब्ध कराए जाएं।

शिक्षा विभाग ने इस निर्णय के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि विद्यालयों में बच्चों को सही मात्रा और गुणवत्ता का मौसमी फल मिले। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग भी स्कूलों में बच्चों की सेहत पर नजर रखेगा और आवश्यकतानुसार अन्य आवश्यक कदम उठाएगा।

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