खोज-खबरनालंदाबिग ब्रेकिंगभ्रष्टाचारराजगीर

बेन प्रखंड में बिना चढ़ाबा नहीं बनता प्रमाणपत्र, रिपोर्टर की कैमरे में रिश्वत लेते यूं कैद हुआ अफसर

बेन (नालंदा दर्पण)। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र लोक सेवाओं के अधिकार में शामिल है। लेकिन आरटीपीएस की सुविधा नहीं मिलने की वजह से लोग महीनों कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। जिसका सीधा फायदा इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। ये दलालों के साथ मिलकर मोटी रकम तक की वसूली कर रहे हैं।

ताजा मामला नालंदा जिले के बेन प्रखंड का है। जहाँ दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने प्रखंड के सांख्यिकी पदाधिकारी अरुण कुमार द्वारा रुपये रिश्वत लेते वीडियो अपने कैमरे में कैद कर वायरल किया गया है।

इसके पूर्व भी अंचल से संबंधित नाजिर, राजस्व कर्मचारी और बिचौलिए की मिली भगत से रजिस्टर टू में छेड़छाड़ करते वीडियो वायरल किया गया था और ऐसे कार्यों में संलिप्त कर्मचारियों एवं दलालों पर कारवाई की मांग की गई थी।

लोग महीनों चक्कर  लगाने  को विवश: आरटीपीएस के माध्यम से जन्म मृत्यू के साथ साथ ऑनलाइन दाखिल खारिज, लगान भुगतान, आय प्र माण पत्र, नॉन क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्र समय सीमा के तहत निर्गत नहीं होने के कारण लोग महीनों महीनों चक्कर लगाने को विवश होते हैं।

कई लोगों ने तो इतना तक कहा कि बिना रिश्वत लिए काम नहीं किया जाता। ऐसे अधिकारियों पर कारवाई होनी चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।

 

 

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »