मुख्यमंत्री ने सालेपुर-राजगीर फोरलेन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेलौआ गांव के पास बहुप्रतीक्षित सालेपुर-राजगीर फोरलेन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। 862.63 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे न केवल पटना और राजगीर के बीच की दूरी को लगभग 20 किलोमीटर कम करेगा, बल्कि नालंदा के पर्यटन, आर्थिक विकास और यातायात सुगमता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

माना जा रहा है कि बिहार के विकास पथ पर यह परियोजना एक मील का पत्थर साबित होगी। यह फोरलेन हाईवे सालेपुर (राज्य राजमार्ग-78) से शुरू होकर नूरसराय, अहियापुर, और सिलाव होते हुए राजगीर के बेलौआ तक जाएगा, जहां यह राष्ट्रीय राजमार्ग 120 से जुड़ेगा।

यह मार्ग बौद्ध सर्किट का हिस्सा है, जो राजगीर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती प्रदान करेगा। इस सड़क के बनने से नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर का अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर, प्रस्तावित हवाई अड्डा और पर्यटन स्थल जैसे सप्तऋषि कुंड और विश्व शांति स्तूप तक पहुंच आसान हो जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिलान्यास समारोह में कहा कि इस हाईवे के निर्माण से न केवल पटना से राजगीर की दूरी कम होगी, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना बिहार के पर्यटन को नई गति देगी।”

इसके साथ ही राजगीर में राष्ट्रीय राजमार्ग 82 पर बने नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन भी किया गया। यह ओवरब्रिज राजगीर में यातायात जाम की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 81.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस आरओबी के शुरू होने से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

यह परियोजना बिहटा-सरमेरा राजकीय उच्च पथ (SH-78), सालेपुर-करौटा पथ, बिहारशरीफ-जहानाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) और बिहारशरीफ-राजगीर-गया-डुमरांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-120) को जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा।

इस अवसर पर उपस्थित जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी  ने कहा कि यह परियोजना नालंदा और राजगीर के लिए एक गेम-चेंजर होगी। यह सड़क न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।

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