सिपाही भर्ती परीक्षाः नकल गिरोह का भंडाफोड़, कोचिंग संचालक समेत 4 गिरफ्तार

बिहारशरीफ (नालंदा  दर्पण)। नूरसराय थाना क्षेत्र में सिपाही भर्ती परीक्षा-2025 के दौरान एक बड़े नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरपीएस स्कूल (प्राइवेट) मकनपुर में आयोजित परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ नकल कराने की साजिश रचने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक अभ्यर्थी, एक वीक्षक (लेखपाल), एक कोचिंग सेंटर डायरेक्टर और एक अन्य सहयोगी शामिल हैं।

केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन 16 जुलाई 2025 को नूरसराय थाना क्षेत्र के आरपीएस स्कूल (प्राइवेट), मकनपुर में तैनात वीक्षकों की सतर्कता से नकल का यह मामला सामने आया। परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान अभ्यर्थी उत्पलकांत कुमार (पिता प्रवीण झा, निवासी परौरा, थाना साहेबपुर कमाल, जिला बेगूसराय) को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया।

पूछताछ में उत्पलकांत ने खुलासा किया कि उसे यह डिवाइस उसके दोस्त विजय कुमार (पिता सोनेलाल चौधरी, निवासी हुसैनाबाद, थाना अरीयरी, जिला शेखपुरा) और परीक्षा केंद्र पर तैनात वीक्षक प्रवीण कुमार सिंह (पिता प्रेम कुमार सिंह, निवासी भदवा, थाना रहुई, जिला नालंदा; वर्तमान में आर.पी.एस. स्कूल में लेखपाल) ने उपलब्ध कराया था।

प्रवीण कुमार सिंह ने पूछताछ में बताया कि ब्लूटूथ डिवाइस उन्हें A to Z Chemistry Coaching Centre धनेश्वर घाट, बिहारशरीफ के डायरेक्टर मनोज कुमार (पिता गोपाल प्रसाद, निवासी सिकरपुर, थाना गिरियक, जिला नालंदा) ने प्रदान किया था।

नालंदा के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नूरसराय थाना के पुलिस निरीक्षक रामशंकर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में थानाध्यक्ष बिहार थाना सम्राट दीपक, जिला आसूचना इकाई के प्रभारी आलोक कुमार, नूरसराय थाना के थानाध्यक्ष रजनीश कुमार, और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। टीम ने छापेमारी कर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके पास से ब्लूटूथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, माइक्रो ब्लूटूथ, पैन कार्ड, आधार कार्ड, केंद्रीय चयन परिषद द्वारा जारी प्रवेश पत्र, स्मार्ट फोन  सामान जब्त किए।

मानवीय और तकनीकी जांच के आधार पर चारों आरोपियों की नकल में संलिप्तता पुष्टि हुई। नूरसराय थाना में केंद्राधीक्षक के आवेदन के आधार पर कांड संख्या 406/25, दिनांक 16.07.2025 दर्ज किया गया। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2)/61(2) और बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम 2024 की धारा 10 के तहत दर्ज की गई है।

पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने बताया कि इस मामले में अन्य संलिप्त अपराधियों की तलाश के लिए अनुसंधान और छापेमारी जारी है। परीक्षा केंद्र पर सख्त निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन के कारण इस तरह के फर्जीवाड़े का खुलासा संभव हो सका है।

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