ऐसे ग्रामीण विकास कार्य 15 सितंबर तक शुरू नहीं करने वाले संवेदक नपेगें

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 सितंबर 2025 तक ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। यह कड़ा कदम खास तौर पर मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष) और मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत आवंटित परियोजनाओं के लिए लागू होगा।
ग्रामीण कार्य विभाग ने गुरुवार को सभी संबंधित ठेकेदारों को कड़े शब्दों में आगाह किया है। विभाग ने कहा कि जो ठेकेदार तय समय-सीमा का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सीएमबीडी और बिहार ठेकेदारी निबंधन नियमावली-2007 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में ठेकेदारों की जमानत राशि जब्त करने के साथ-साथ उनका निबंधन रद्द कर ब्लैक लिस्ट में डाला जाएगा। ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों को बिहार में किसी भी परियोजना में काम करने का अवसर नहीं मिलेगा।
विभाग ने पहले ही 10 सितंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू करने की समय-सीमा तय की थी। इसके लिए अखबारों में विज्ञापन देकर ठेकेदारों को सूचित भी किया गया था। साथ ही आवंटित सड़कों को 15 सितंबर तक शत-प्रतिशत गड्ढामुक्त करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं के तहत ग्रामीण सड़कों का सुदृढ़ीकरण और पुलों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जरूरी है।
विभाग ने ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि वे कार्य स्थल पर निर्माण से संबंधित सूचना बोर्ड और स्थल प्रयोगशाला (साइट लैब) स्थापित करें। यह कदम कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
ग्रामीण कार्य विभाग ने ठेकेदारों को साफ शब्दों में कहा है कि समय-सीमा का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने ठेकेदारों को पहले ही पर्याप्त समय और जानकारी दी है। अब कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। यह योजनाएं ग्रामीण बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। इन योजनाओं के तहत न केवल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण सड़कों को गड्ढामुक्त और टिकाऊ बनाया जाए ताकि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
ब्लैक लिस्टिंग ठेकेदारों के लिए गंभीर परिणाम लेकर आएगी। न केवल उनकी जमानत राशि जब्त होगी, बल्कि भविष्य में सरकारी परियोजनाओं में हिस्सा लेने से भी वे वंचित हो जाएंगे। यह कदम ठेकेदारों के बीच जवाबदेही बढ़ाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए उठाया गया है।





