
राजगीर (नालंदा दर्पण संवाददाता)। सिलाव रेलवे स्टेशन पर आखिरकार वह पल आ ही गया, जिसका लंबे समय से इंतजार था। कोरोना काल के बाद बंद हुआ श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव अब पुनः शुरू हो गया है। यह ट्रेन राजगीर से नई दिल्ली तक संचालित होती है और सिलाव के यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है।
स्थानीय लोगों की लंबी मांग और संघर्ष के बाद भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का ठहराव सिलाव स्टेशन पर फिर से शुरू कर दिया है। इससे व्यापारियों, यात्रियों और आम लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कोरोना महामारी के दौरान सिलाव स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस का ठहराव बंद कर दिया गया था। उस समय यह निर्णय स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से लिया गया था, लेकिन महामारी समाप्त होने के बाद भी ठहराव बहाल नहीं हुआ। इससे सिलाव के व्यापारियों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
सिलाव एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों की यात्रा करते हैं। श्रमजीवी एक्सप्रेस का ठहराव बंद होने से यात्रियों को पड़ोसी स्टेशनों तक जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही थी।
सिलाव के निवासियों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार अपनी आवाज बुलंद की। स्थानीय लोग, व्यापारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता इस मांग को लेकर एकजुट हो गए। उन्होंने विधायक, सांसद, डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक), रेल मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी पत्र और आवेदन भेजे।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया गया। नालंदा दर्पण ने भी समय-समय पर इस मांग को प्रमुखता से उठाया और लोगों की परेशानियों को रेलवे प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब श्रमजीवी एक्सप्रेस के ठहराव के पुनः शुरू होने से सिलाव के व्यापारियों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। सिलाव एक ऐसा क्षेत्र है, जहां से लोग न केवल व्यापारिक उद्देश्यों के लिए, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के लिए भी बड़े शहरों की यात्रा करते हैं। इस ट्रेन के ठहराव से यात्रियों को अब नजदीकी स्टेशनों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी यात्रा सुगम और किफायती होगी।
ठहराव शुरू होने की खबर फैलते ही सिलाव स्टेशन पर लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। स्थानीय लोग अब यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि रेलवे प्रशासन सिलाव स्टेशन पर अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव पर भी विचार करेगा। साथ ही स्टेशन की बुनियादी सुविधाओं, जैसे- वेटिंग रूम, स्वच्छ पेयजल और बेहतर टिकट काउंटर की व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी उठ रही है।





