Home नालंदा Criminal Justice System in India: नए कानून का हिलसा के वकीलों ने...

Criminal Justice System in India: नए कानून का हिलसा के वकीलों ने किया कड़ा विरोध

Criminal Justice System in India: Hilsa advocates strongly opposed the new law

हिलसा (नालंदा दर्पण। भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली (Criminal Justice System in India) के तहत लागू तीन नए कानून का हिलसा के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध किया है। आज सोमवार को अधिवक्ता संघ के परिसर में इस कानून के विरोध में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रदेश महासचिव एवं हिलसा अधिवक्ता संघ के पूर्व उपाध्यक्ष दिलीप कुमार सिन्हा अधिवक्ता ने किया।

इस मौके पर श्री सिन्हा ने कहा कि नए कानून में अब अपराध करने वाले पुलिसकर्मी एवं विभागीय सरकारी पदाधिकारी पर न्यायालय या थाना में डायरेक्ट मुकदमा नहीं लिया जाएगा। अपराध करने वाले पुलिस, पुलिस तंत्र एवं सरकारी पदाधिकारी को बचाने की पूरी तैयारी इस कानून में की गई है।

पुलिस अब 90 दिनों के लिए नामजद अभियुक्त को रिमांड पर लेगी। इस नए कानून में वीडियोग्राफी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक गतिविधि को साक्ष्य मानकर पुलिस कभी भी किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार प्राप्त होगा। ऐसा होने से फर्जी वीडियो पर भी पुलिसकर्मी किसी को भी अभियुक्त बनाकर प्राथमिकी दर्ज करेगी और तत्काल उसे गिरफ्तार करेगी।

प्रदर्शनकारियों में पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद आजाद, पूर्व अध्यक्ष ललन प्रसाद, पूर्व संयुक्त सचिव प्रकाश कुमार अधिवक्ता, इंद्रजीत कुमार, रानी कुमारी, शांति देवी अधिवक्ता मुकेश कुमार, अधिवक्ता राम उदेश प्रसाद यादव, अधिवक्ता सुरेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार सिंह के अलावा सैकड़ो अधिवक्ता शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार से ऐसे काले कानून वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो नालंदा की धरती हिलसा शीघ्र ही आंदोलन की शुरुआत किया जाएगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version