हरनौत में रैयतों के मुआवजा शिविर का DM ने किया निरीक्षण
यह शिविर जिला भू-अर्जन विभाग के तत्वावधान में 17, 19 और 20 मई 2025 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रैयतों को त्वरित गति से मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है...

हरनौत (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला के हरनौत प्रखंड अंतर्गत राजकीय मध्य विद्यालय तेलमर में आज एक अहम कदम के तहत सालेहपुर-नरसंडा-तेलमर-करौटा टू लेन सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के रैयतों को मुआवजा भुगतान हेतु विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर का निरीक्षण स्वयं जिलाधिकारी (DM) शशांक शुभंकर ने किया और समुचित प्रक्रिया की समीक्षा की।

यह शिविर जिला भू-अर्जन विभाग के तत्वावधान में 17, 19 और 20 मई 2025 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रैयतों को त्वरित गति से मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। विदित हो कि इस सड़क परियोजना के लिए तेलमर मौजा (थाना संख्या 190) में भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके लिए एवार्ड नोटिस पहले ही निर्गत हो चुकी है।
आज आयोजित शिविर में कुल 79 रैयतों में से 40 रैयतों ने LPC (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) के लिए अपने दस्तावेज जमा किए। इनमें से 22 रैयतों को कैंप स्थल पर ही हरनौतअंचलाधिकारी द्वारा राजस्व अभिलेखों के मिलान के उपरांत LPC निर्गत कर दिए गए। शेष रैयतों के आवेदन का निष्पादन जारी है और प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का प्रयास हो रहा है।
शिविर में मौके पर ही अंचलाधिकारी, हल्का कर्मचारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच और स्वीकृति का कार्य किया। इस दौरान सहायक प्रशासी पदाधिकारी अरुण चौधरी, विशेष सर्वेक्षण अमीन-सह-प्रभारी कानूनगो शंकर दयाल तथा मानदेय अमीन मनोज कुमार भी सक्रिय रूप से कार्य निष्पादन में जुटे रहे।
निरीक्षण के दौरान बिहारशरीफ अनुमंडल पदाधिकारी, प्रशिक्षु समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, संबंधित विभागीय कर्मी एवं लाभार्थी रैयत उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।





