इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी का मंडप सजा, जयमाला भी हुई, लेकिन ऐन वक्त पर दूल्हा फरार हो गया। बाद में जब दुल्हन पक्ष दूल्हे को खोजते हुए उसके घर पहुंचा तो मामला दहेज मांग पर अटक गया और शादी टूट गई। अब इस पूरे प्रकरण में दूल्हा समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शादी को लेकर दोनों परिवारों में उत्सव का माहौल था। गाजे-बाजे के साथ वारात दुल्हन के घर पहुंची। मंडप में रस्में निभाई गईं और हंसी-खुशी के बीच दूल्हे ने दुल्हन के गले में जयमाला भी डाल दी। इसके बाद शादी के मुहूर्त की प्रतीक्षा की जा रही थी।
लेकिन जैसे ही सही मुहूर्त आया और दुल्हन पक्ष वरात में ठहरे दूल्हे को लेने पहुंचा, वहां हड़कंप मच गया। दूल्हा मौके से गायब था। पहले तो लोगों ने इसे मजाक या गलतफहमी समझा, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी जब दूल्हे का पता नहीं चला तो कोलाहल मच गया।
वरात में आए रिश्तेदारों की मदद से दुल्हन पक्ष दूल्हे के घर पहुंचा। वहां देखा गया कि दूल्हा अपने घर पर आराम से मौजूद है। उसे समझा-बुझाकर वापस लाया गया और शादी संपन्न कराने की कोशिश की गई। इसी दौरान दूल्हा और उसके परिजनों ने शादी के बदले दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग रख दी।
दुल्हन पक्ष ने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन दूल्हा अपनी मांग पर अड़ा रहा। देखते-देखते शादी का मुहूर्त भी निकल गया और विवाह नहीं हो सका। अंततः हार-थककर दुल्हन के परिजनों ने खुदागंज थाना में दूल्हा समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग इसे दहेज लोभ और अमानवीय व्यवहार का उदाहरण बता रहे हैं।
इस्लामपुर से नालंदा दर्पण के लिए पत्रकार रामकुमार वर्मा की रिपोर्ट।
