चंडी के केवई में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, दुकान लूटी, पुत्र जख्मी

चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया। जैतीपुर-हथकट्टा मार्ग पर केवई पुल के पास एक ई-रिक्शा चालक और उसके दो दर्जन से अधिक सहयोगियों की भीड़ ने 60 वर्षीय बुजुर्ग बालेश्वर प्रसाद की ईंट और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद बदमाशों ने बालेश्वर की जनरल स्टोर्स की दुकान से एक लाख रुपये से अधिक का सामान लूट लिया। हत्या के दौरान बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे उनके पुत्र सुधीर कुमार भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जख्मी सुधीर कुमार ने बताया कि घटना का कारण बेहद मामूली था। उनके पिता बालेश्वर प्रसाद को एक ई-रिक्शा चालक ने अपने वाहन से हल्की टक्कर मार दी थी। इस पर बालेश्वर ने चालक को वाहन सावधानी से चलाने की नसीहत दी। चालक ने इस बात पर आक्रोशित होकर गाली-गलौज शुरू कर दी। आसपास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराया और चालक वहां से चला गया।
लेकिन, करीब एक घंटे बाद चालक जसमत बिगहा गांव से अपने 15-20 सहयोगियों के साथ लौटा। इस भीड़ ने बालेश्वर को उनकी दुकान से खींचकर बाहर लाया और ईंट, लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। सुधीर ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। बालेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई।
पिटाई और हत्या के बाद बदमाशों ने बालेश्वर की जनरल स्टोर्स की दुकान को निशाना बनाया। भीड़ ने दुकान से करीब एक लाख रुपये मूल्य का सामान लूट लिया। हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण आसपास के ग्रामीण डर के मारे विरोध नहीं कर सके। लूटपाट के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही हिलसा डीएसपी शैलजा और चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक बालेश्वर प्रसाद के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जख्मी सुधीर कुमार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद का कारण ई-रिक्शा चालक से हुई कहासुनी थी। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
इस क्रूर घटना ने केवई गांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी है। घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए और हमलावरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन शव से लिपटकर दहाड़ें मार रहे थे, जिससे मौके पर मातम का माहौल था। ग्रामीणों ने इस घटना को सामाजिक ताने-बाने पर गहरा धक्का बताया और पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की।
यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। एक मामूली विवाद का इतना भयावह रूप ले लेना और भीड़ द्वारा न केवल हत्या बल्कि लूटपाट जैसी वारदात को अंजाम देना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा की प्रवृत्ति को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को और सतर्क रहने की जरूरत है।





