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राजगीर में फुटपाथ दुकानदारों के रोजगार पर संकट, मसाल जुलूस से गूंजा विरोध

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में फुटपाथ दुकानदारों के साथ हो रही इस कार्रवाई से न केवल उनके परिवारों की आजीविका पर संकट है, बल्कि सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़े स्कर पर विरोध की आशंका है

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा स्थित राजगीर में फुटपाथ दुकानदारों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई ने आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। लगभग 40 वर्षों से स्वरोजगार कर रहे फुटपाथ दुकानदारों को झूलापर से जबरन हटाने के विरोध में नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच ने कुंडपर से अंबेडकर चौक, मेला थाना होते हुए जेपी गोलंबर तक आक्रोशपूर्ण मसाल जुलूस रैली निकाली।

इस रैली का नेतृत्व मंच के अध्यक्ष रमेश कुमार पान और कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल भदानी ने किया। इस अवसर पर मंच के राज्य समन्वयक एवं जन सुराज नेता  डॉ. अमित कुमार पासवान ने सरकार और अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की अफसरशाही चरम सीमा पर है। वर्षों से रोपवे के समीप स्वरोजगार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों को वन विभाग के डीएफओ के आदेश पर अमानवीय व्यवहार करते हुए रोजगार से बेदखल कर दिया गया है।

डॉ. पासवान ने कहा कि पथ विक्रेता कानून अधिनियम 2014 के अनुसार नगर निकायों को पथ विक्रेताओं को दुकान हटाने से एक माह पूर्व नोटिस देना अनिवार्य है। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था कर पुनर्वासित करने का प्रावधान है। बावजूद इसके नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दुकानदारों के साथ अत्याचार किया गया।

डॉ. पासवान ने चेतावनी दी कि अगर 29 दिसंबर 2024 तक दुकानदारों की मांगें पूरी नहीं हुई तो 30 दिसंबर से बेणुवन के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर तक पहुंचाने का भी ऐलान किया।

वहीं मंच के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने कहा कि फुटपाथ दुकानदारों की लड़ाई अब सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के इस रवैये के खिलाफ पूरे जिले के दुकानदार एकजुट होकर विरोध करेंगे।

इस रैली में रमेश कुमार पान, गोपाल भदानी, सरोज देवी, अजय यादव, बिरजू राजवंशी, राघव देवी, शैलेंद्र कुमार, मंजू देवी, विजय यादव, राजू कुमार, शंकर कुमार सहित सैकड़ों दुकानदारों ने भाग लिया और अपनी आवाज बुलंद की।

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