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लखीसराय में इंजीनियरिंग छात्र की मौत, चंडी में छाया मातम

चंडी (नालंदा दर्पण)। रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है, चंडी के गौरी गांव में अचानक शोक की स्याह चादर में लिपट गया। गांव के होनहार इंजीनियरिंग छात्र साहिल कुमार की लखीसराय-जमुई बॉर्डर के पास नोनगढ़ चेकपोस्ट पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डुबो दिया।

बता जाता है कि बुधवार को साहिल शिव सोहना इंजीनियरिंग कॉलेज में तीसरे सेमेस्टर का छात्र था और वह अपनी अंतिम परीक्षा देकर रक्षाबंधन मनाने के लिए अपने घर लौट रहा था। वह टेंपो में सवार था। इसी दौरान लखीसराय-जमुई बॉर्डर पर नोनगढ़ चेकपोस्ट के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक से टेंपो की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में साहिल समेत तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य यात्री घायल हो गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े भारी वाहन आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही और सड़क सुरक्षा के प्रति उदासीनता को उजागर किया है।

साहिल कुमार गौरी गांव निवासी सतीश पासवान का इकलौता पुत्र था। सतीश पासवान पूर्व में पंचायत समिति सदस्य रह चुके हैं। साहिल अपनी पढ़ाई में मेधावी था और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर परिवार का नाम रोशन करने का सपना देख रहा था। उसके पीछे दो बहनें हैं, जो इस रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ राखी बांधने का इंतजार कर रही थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुंची, साहिल के घर में कोहराम मच गया। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। साहिल की असमय मृत्यु ने परिवार को इस कदर तोड़ दिया है कि उनका दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पूरा गौरी गांव शोक में डूब गया है। गांव के लोग साहिल को एक होनहार और मिलनसार युवक के रूप में याद कर रहे हैं।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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