हिलसा में मिट्टी भराई विवाद में किसान की गोली मारकर हत्या
यह घटना न केवल खिरोधर यादव के परिवार के लिए एक त्रासदी है, बल्कि यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा की ओर भी इशारा करती है। पुलिस प्रशासन के सामने अब दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बड़ी चुनौती है।

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के कोयरी टोला में शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी। अपराधियों ने 52 वर्षीय किसान खिरोधर यादव को गोली मारकर हत्या कर दी। सीने में बुलेट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मिट्टी भराई को लेकर मृतक का अपने मालिक के भतीजे से विवाद हुआ था, जिसके बाद यह खौफनाक घटना हुई। परिजन इसे सुनियोजित हत्या करार दे रहे हैं।
मृतक खिरोधर यादव पिछले 20 वर्षों से दक्षिणी कोयरी टोला में सरोज प्रसाद के खेतों में खेती-बाड़ी का काम देख रहे थे। उनके पुत्र रवि कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सरोज प्रसाद का भतीजा खेत में मिट्टी भराई का काम कर रहा था।
इस दौरान खिरोधर यादव और उसके बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। रवि के अनुसार यह विवाद इतना बढ़ गया कि देर रात अपराधियों ने उनके पिता को गोली मार दी। शनिवार सुबह उन्हें फोन पर इस दुखद घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर खिरोधर का शव झोपड़ी में खून से लथपथ पड़ा मिला।
हिलसा थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया। मामले की गहन जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम को बुलाया गया है।
पुलिस ने बताया कि परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या का संदेह जताया है। जिनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मृतक के पुत्र रवि कुमार ने बताया कि उनके पिता का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। उन्होंने मिट्टी भराई को लेकर हुए झगड़े को हत्या का कारण बताया। परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत हत्या की गई है। रवि ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद कोयरी टोला और आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोग इस तरह की आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मिट्टी भराई विवाद को हत्या का मुख्य कारण माना है। हालांकि अन्य संभावित कोणों से भी जांच की जा रही है। FSL टीम की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।





