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राजगीर घोड़ा कटोरा में 8 युवक डूबे, 2 की मौत, 5 की जान बचाई

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत घोड़ा कटोरा पंचाने नदी झील में नहाने गए आठ युवकों का ग्रुप अचानक गहरे पानी में फंस गया। इस दौरान दो युवकों की जान चली गई, जबकि पांच को स्थानीय लोगों की तत्परता से बचा लिया गया।

मरने वालों की पहचान सिलाव थाना क्षेत्र के करिअन्ना गांव निवासी मोहम्मद अनस (उम्र लगभग 20 वर्ष) और मोहम्मद फैसल (उम्र लगभग 22 वर्ष) के रूप में हुई है। यह घटना न केवल परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि जल सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी का भी एक कड़वा सबक देती है।

बताया जाता है कि आठ युवक दोस्ती के जोश में एक साथ घोड़ा कटोरा पंचाने नदी  डैम क्षेत्र में नहाने पहुंचे। घोड़ा कटोरा राजगीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है, वह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां की नदी झीलें लोगों को आकर्षित करती हैं, लेकिन अक्सर इनकी गहराई और तेज बहाव लोगों की जान ले लेता है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अनस और फैसल समेत सभी युवक सिलाव क्षेत्र से थे और वे राजगीर घूमने के दौरान इस स्थान पर रुके। नहाने के दौरान अचानक पानी का स्तर गहरा हो गया, जिससे सभी आठ युवक डूबने लगे।

चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े आए। इनमें से कुछ ने रस्सी और लकड़ी का सहारा लेकर पांच युवकों को खींचकर बाहर निकाला। लेकिन दुर्भाग्य से अनस और फैसल को बचाने का मौका नहीं मिला। दोनों के शव बाद में नदी से बरामद किए गए।

घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अनस के पिता मोहम्मद शाहिद ने कहा कि मेरा बेटा अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। वह इतना होनहार था, कैसे विश्वास हो कि वह अब हमारे बीच नहीं है। फैसल के परिवार में भी शोक की लहर दौड़ गई है, जहां महिलाएं रो-रोकर बेहाल हो रही हैं।

राजगीर थाना पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक दुर्घटना थी, जिसमें कोई लापरवाही का मामला नहीं पाया गया।

हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने अब इस क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाने और गश्त बढ़ाने का फैसला लिया है। पिछले कुछ वर्षों से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं, खासकर युवा झीलों और नदियों में नहाने का लोभ संवरण नहीं कर पाते।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना तो ठीक है, लेकिन सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नहाने से पहले पानी की गहराई जांचें, अकेले न उतरें और जीवन रक्षक उपकरणों का इस्तेमाल करें। राजगीर जैसे पर्यटन स्थलों पर प्रशासन को और सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।

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