
हरनौत (नालंदा दर्पण)। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन हरनौत बाजार में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हरनौत बाजार स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही एक युवती के साथ छेड़खानी और जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप सामने आया है।

घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता अपने परिवार के साथ कार्यक्रम देखने के बाद घर लौट रही थी। युवती अपनी बहन के साथ आगे चल रही थी, जबकि दो सहेलियां पीछे थीं। इसी दौरान रांची रोड पर पुरानी पेट्रोल पंप के समीप एक सफेद रंग की चारपहिया गाड़ी अचानक रुकी और चालक ने युवती को जबरन खींचकर गाड़ी में बैठा लिया।
पीड़िता का आरोप है कि गाड़ी में बैठाने के बाद शीशा बंद कर दिया गया और मदद की गुहार को अनसुना कर दिया गया। लगभग आधा किलोमीटर तक गाड़ी चलाने के बाद, जब युवती और उसकी बहन जोर-जोर से चिल्लाने लगीं, तब उन्हें चेरो ओपी अंतर्गत मुसहरी गांव के पास उतार दिया गया।
घटना के बाद पीड़िता के परिवार और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त वाहन चेरो ओपी में तैनात सिपाही चंदन कुमार का निजी वाहन था। यह आरोप सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया। न्याय की मांग को लेकर गांव के करीब एक दर्जन लोग हरनौत थाना पहुंचे और लगभग चार घंटे तक थाना परिसर में डटे रहे।
पीड़िता की मां ने बताया कि थाना में आवेदन तो तैयार करवाया गया, लेकिन वे अनपढ़ होने के कारण उन्हें आवेदन की पूरी जानकारी नहीं दी गई, जिससे परिवार असमंजस में है।

इधर, हरनौत थाना में प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रभारी डीएसपी (सुरक्षा) रंजन कुमार के निर्देशन में नूरसराय सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार भारद्वाज, हरनौत थाना प्रभारी नीरज कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मामले की तह तक जाने में जुटे हैं।
पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। प्रारंभिक फुटेज में युवती के कुछ देर तक गाड़ी के पास खड़े रहने की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ एक फुटेज के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में चेरो ओपी पुलिस गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने आई थी, उसी दौरान संबंधित सिपाही ने लोगों को अपना निजी मोबाइल नंबर दिया था, जिससे पीड़िता उसे पहचानती थी।
डीएसपी रंजन कुमार ने बताया कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांचाधीन है, लेकिन पुलिसकर्मी पर लगे आरोपों ने प्रशासन की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।
✍️ हरनौत से नालंदा दर्पण के लिए
राजीव कुमार की रिपोर्ट





