बम से उड़ाने की धमकी के बाद बिहारशरीफ और हिलसा कोर्ट में हाई अलर्ट

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार राज्य के चार न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद नालंदा जिले में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इस कड़ी में बिहारशरीफ कोर्ट और हिलसा कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच-पड़ताल की जा रही है और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
धमकी की सूचना मिलते ही जिले की पुलिस, प्रशासन और बम निरोधक दस्ता हरकत में आ गया। बिहारशरीफ कोर्ट परिसर के सभी हिस्सों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। पुलिसकर्मी हाथ में मेटल डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ तैनात हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। कोर्ट परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और कर्मचारियों को भी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ रहा है।
इसी तरह हिलसा कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस द्वारा तीनों प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। हालांकि हिलसा कोर्ट पहले से ही काफी सुरक्षित माना जाता है। यहां कुल तीन प्रवेश द्वार हैं। पहला मुख्य द्वार, जहां से आम लोग पैदल प्रवेश करते हैं और जहां सघन तलाशी ली जाती है। यहां तक कि गुटखा, सिगरेट या खैनी जैसी वस्तुएं मिलने पर भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
दूसरा द्वार अनुमंडल कार्यालय से सटे पश्चिम-उत्तर दिशा में स्थित है, जिसका उपयोग न्यायाधीशों के वाहन आवागमन के लिए किया जाता है। तीसरा द्वार विशेष रूप से हिलसा जेल में बंद कैदियों को वाहन के माध्यम से कोर्ट हाजत तक लाने-ले जाने के लिए निर्धारित है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल बिहारशरीफ या हिलसा कोर्ट परिसर से किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके किसी भी खतरे से निपटने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जिन न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, उनमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट और गया जी सिविल कोर्ट शामिल हैं। इसी कारण राज्य भर के न्यायालयों में सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कोर्ट परिसरों की निगरानी बढ़ा दी गई है।





