हिलसा पूर्वी बाइपास निर्माण कार्य में जुटे पोकलेन चालक की गोली मारकर हत्या

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा पूर्वी बाइपास निर्माण कार्य के बीच एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। बाइपास निर्माण में लगे पोकलेन चालक की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि इलाके में चल रहे बड़े विकास कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित साजिशों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मृतक की पहचान झारखंड के पथरी गांव निवासी कुलदीप यादव (32 वर्ष) के रूप में की गई है। वह हिलसा पूर्वी बाइपास निर्माण कार्य में पोकलेन चालक के रूप में कार्यरत था और कई दिनों से इसी साइट पर तैनात था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार की देर शाम त्रिलोक बिगहा के पास निर्माण स्थल पर अचानक बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पहले साइट पर मौजूद इंजीनियर को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन किसी कारणवश वह बच गया। इसके बाद बदमाशों ने पोकलेन चालक कुलदीप यादव को सीने में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। घायल चालक को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अभिजीत कुमार ने पुष्टि की कि बाइपास निर्माण कार्य में लगे चालक की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल, एएसपी शैलजा, डीएसपी कुमार ऋषि राज और थाना प्रभारी अभिजीत कुमार अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस बदमाशों की पहचान के लिए छापेमारी कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास निर्माण जैसे बड़े विकास कार्यों के साथ अपराध की घटनाएं काफी गंभीर हैं। इसमें रंगदारी, ठेकेदारी विवाद या स्थानीय वर्चस्व की लड़ाई इसके पीछे कारण बनतीकी बू आ रही है। हिलसा पूर्वी बाइपास की घटना एक संगठित कारण की ओर इशारा कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निर्माण स्थलों की सुरक्षा मजबूत नहीं की गई तो मजदूरों और कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ती रहेगी। घटना के बाद मजदूरों में दहशत का माहौल है और कई लोग काम पर लौटने से भी डर रहे हैं।
बहरहाल यह घटना सिर्फ एक चालक की हत्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो बड़े सरकारी और ठेकेदारी प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल साबित हो रही है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस हत्या के पीछे छिपे असली कारणों का खुलासा कब तक कर पाती है और दोषियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार किया जाता है।





