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मौनसून पर ब्रेक से बढ़ी उमस भरी गर्मी, लोगों का हाल बेहाल, खरीफ फसल पर भी खतरा

बेन (नालंदा दर्पण)। इन दिनों बेन समेत पूरे नालंदा जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और मौनसून भी ब्रेक की स्थिति में है। धूप व उमस भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है तो वहीं खरीफ फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।

आलम है कि अगस्त महीने की समाप्ति व सितंबर माह की शुरुआत में गर्मी महीने का अहसास करा रही है। लोग उमसभरी गर्मी से हलकान हो रहे हैं।

बारिश न होने व चिलचिलाती धूप खिलने के कारण गर्मी और उमस में बढ़ोत्तरी हो रही है। उमस भरी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

इस बार सूखा रहा अगस्त: इस बार अगस्त महीने में मानसून पूरी तरह सुस्त रहा है। बीते कई सालों की तुलना में इस बार अगस्त महीने में बेन प्रखंड क्षेत्र में न के बराबर बारिश हुई है। हालात यह है कि दोपहर के समय ऐसा लगता है मानो अगस्त नहीं बल्कि अप्रैल-मई का महीना है।

फसलों को भारी नुकसान की आशंका: बारिश होने के आसार भी कम हीं लग रहे हैं। जिसके कारण अब किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई है। क्योंकि धान की फसल में पानी की आवश्यकता अधिक होती है।

बारिश न होने के चलते फसलों को बर्बाद होने का डर भी किसानों को सताने लगा है। किसानों के अनुसार एक हफ्ते के अंदर बारिश नहीं हुई तो पानी की वजह से धान की फसल बर्बाद हो जाएगी। मौनसून की बेरुखी से लोग चिंतित होने लगे हैं। अच्छी बारिश के लिए लोगों की आंखें आसमान की ओर लगी है। वहीं व्यापारी वर्ग भी चिंता में है।

व्यापार से जुड़े मनोज कुमार, संजय कुमार ने कहा कि अगर फसलें बर्बाद हुई तो व्यापार पर भी भारी असर पड़ेगा। आनेवाले त्योहारों में लोगों के पास रुपये नहीं रहेंगे तो त्योहारों पर होनेवाला व्यापार प्रभावित होगा।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या: हर दिन मौसम में बदलाव हो रहा है। जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोग फीवर, सर्दी, खांसी व बुखार जैसी बिमारी से पीड़ित हो रहे हैं। और इसका असर अस्पतालों एवं प्राईवेट क्लिनिकों में दिख रहा है।

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