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इस्लामपुर पुलिस ने एक साल पहले लापता लड़की को पूर्वी चंपारण से किया बरामद

Kidnapping case was registered by family; girl tells police she left home to avoid forced marriage.

Islampur minor girl recovered

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर थाना क्षेत्र से करीब एक वर्ष पहले लापता हुई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने आखिरकार सकुशल बरामद कर लिया है। लंबे समय से चल रही पुलिस जांच और लगातार छापेमारी के बाद उसे पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। इस घटना ने जहां एक ओर पुलिस की सक्रियता को दर्शाया है, वहीं दूसरी ओर समाज में नाबालिगों की जबरन शादी जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी उजागर किया है।

जानकारी के अनुसार इस्लामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की करीब एक वर्ष पहले अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो इस्लामपुर थाना में चार लोगों के खिलाफ शादी की नीयत से अपहरण का मामला दर्ज कराया था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने लगातार जांच शुरू की। तकनीकी और पारंपरिक दोनों स्तरों पर संदिग्ध लोगों और संभावित ठिकानों की निगरानी की जा रही थी।

लगातार छापेमारी के बाद मिला सुरागः हिलसा डीएसपी-2 कुमार ऋषिराज ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इन सुरागों के आधार पर टीम ने पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र के रौशनपुर सपहा गांव में छापेमारी की। वहां से नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया।

बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की। पूछताछ में लड़की ने जो बातें बताईं, उससे मामला नया मोड़ लेता नजर आया।

जबरन शादी से बचने के लिए छोड़ा था घरः पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसके परिजन उसकी जबरन शादी कराना चाहते थे। वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। इसी कारण वह घर छोड़कर चली गई थी।

पुलिस अब लड़की के बयान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसके गायब होने के पीछे अपहरण की घटना थी या उसने स्वयं घर छोड़ा था।

सामाजिक सवाल भी खड़े करती है घटनाः यह घटना समाज में अब भी मौजूद बाल विवाह और पारिवारिक दबाव जैसे मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है। कई मामलों में किशोरियों की इच्छा के विरुद्ध शादी तय कर दी जाती है, जिससे वे मानसिक दबाव में आकर घर छोड़ने जैसे कदम उठा लेती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों को बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देते हुए ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो उनके हित में हों।

पुलिस की टीम ने निभाई अहम भूमिकाः इस बरामदगी अभियान में इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, दारोगा पूजा कुमारी, सिपाही नीतीश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दर्ज अपहरण मामले में भी जांच जारी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।  समाचार स्रोतः रामकुमार वर्मा/नालंदा दर्पण

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