इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर क्षेत्र में दोस्ती के रिश्ते को कलंकित कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। दक्षिणी मलबिगहा मोहल्ले में एक युवक की हत्या उसके ही दोस्त ने कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि इस्लामपुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 से 13 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने मलविगहा के दक्षिणी केवई पइन के पास एक युवक का शव जमीन पर पड़ा देखा। शव पर चोट के कई निशान थे, जिससे आशंका जताई गई कि उसकी पिटाई कर हत्या की गई है। सूचना मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस के पहुंचने पर शव की पहचान इस्लामपुर निवासी मो. फैजान के रूप में हुई। मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम करीब आठ बजे फैजान को उसका दोस्त मो. उद्घीन घर से बुलाकर ले गया था। इसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा। देर रात तक तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोग चिंतित हो उठे। रविवार सुबह जब शव मिलने की खबर आई तो परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और फैजान की पहचान की।
वैज्ञानिक जांच के साथ शुरू हुई कार्रवाईः मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घटनास्थल पर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए गए।
वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर इस्लामपुर थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों आधारों पर जांच को आगे बढ़ाया।
12 घंटे में खुला हत्या का राजः लगातार छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने नामजद आरोपी मो. उद्घीन को घटना के मात्र 12 से 13 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि शनिवार रात वह और फैजान साथ में बैठे थे और दोनों ने नशा किया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गया। गुस्से में आकर उसने फैजान की जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण वह ज्यादा देर तक बच नहीं सका।
इलाके में दहशत और चर्चाः इस घटना के बाद मलविगहा और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि जिन दो युवकों के बीच गहरी दोस्ती थी, वही रिश्ता इतनी भयावह घटना में बदल गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की लत और क्षणिक गुस्सा अक्सर युवाओं को अपराध की ओर धकेल देता है। छोटी-सी कहासुनी भी कई बार हिंसक रूप ले लेती है, जिसका परिणाम ऐसी दुखद घटनाओं के रूप में सामने आता है।
छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मीः इस कार्रवाई में इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, पुअनि शफीउल्लाह अंसारी, अरुण कुमार राय, सिपाही अजीत कुमार और पप्पू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। समाचार स्रोतः रामकुमार वर्मा/नालंदा दर्पण
