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निगरानी के हत्थे चढ़ा इस्लामपुर का जेई और लाइनमैन, घूस लेते रंगे हाथ धराए

Junior engineer and lineman caught red-handed taking bribe in surveillance net

हिलसा (नालंदा दर्पण)। बिजली की रोशनी तो जीवन का अभिन्न अंग है, लेकिन जब यह रोशनी रिश्वत की काली परछाईं में लिपट जाती है तो आम आदमी की उम्मीदें भी अंधेरे में डूब जाती हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल क्षेत्र में सामने आया है, जहां पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने इस्लामपुर नगर परिषद क्षेत्र के गौरव नगर मुहल्ले में एक साधारण से दिखने वाले आवासीय मकान में धावा बोलकर कनीय अभियंता नीतीश कुमार और बिजली विभाग के लाइनमैन देवेंद्र कुमार को रंगेहाथों पकड़ लिया। मामला बिजली कनेक्शन के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत का था।

बताया जाता है कि मुर्गियाचक निवासी आशीष कुमार ने बिजली विभाग से अपने घर के लिए नया विद्युत कनेक्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन जल्द ही उन्हें विभाग के इन ‘सेवकों’ का असली चेहरा दिखाई दिया। लाइनमैन देवेंद्र कुमार ने आशीष से साफ-साफ कह दिया कि बिना ‘चाय-पानी’ के कनेक्शन का सपना पूरा नहीं होगा। आ

शीष के मुताबिक देवेंद्र ने 20 हजार रुपये की मांग की, जो कनेक्शन की आधिकारिक फीस से अलग थी। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले आशीष ने इस अन्याय को चुपचाप सहन करने के बजाय साहस दिखाया। उन्होंने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के हेल्पलाइन पर दर्ज कराई। ब्यूरो की टीम ने आशीष की बात को गंभीरता से लिया और तुरंत एक सोची-समझी रणनीति बनाई।

ट्रैप की तैयारी रातोंरात पूरी की गई। निगरानी टीम ने आशीष को निर्देश दिए कि वे देवेंद्र से सामान्य तरीके से बातचीत करें और रिश्वत की राशि सौंप दें। अगले ही दिन गौरव नगर मुहल्ले में सब कुछ सामान्य लग रहा था। सड़कों पर रोजमर्रा की चहल-पहल, लेकिन निगरानी के जाल में सब कुछ छिपा हुआ था।

आशीष ने देवेंद्र को 20 हजार रुपये के नोट सौंपे, जो पहले से ही निशान लगे हुए थे। देवेंद्र ने पैसे लपक लिए और तुरंत इन्हें कनीय अभियंता नीतीश कुमार के पास ले गया, जो अपने आवास पर ही बैठे थे। नीतीश ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के रिश्वत की यह ‘डिलीवरी’ स्वीकार कर ली। लेकिन जैसे ही लेन-देन पूरा हुआ, निगरानी टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई। दोनों आरोपी हक्के-बक्के रह गए। उनके हाथों में अभी रिश्वत के नोट चिपके ही थे कि टीम ने उन्हें रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।

इस अचानक छापेमारी ने पूरे मुहल्ले में हड़कंप मचा दिया। पड़ोसी इकट्ठा हो गए और फुसफुसाहटें शुरू हो गईं कि ‘क्या हुआ? कौन आया?’ किसी को कुछ पता नहीं चल रहा था। अफरातफरी का आलम यह था कि लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे, लेकिन निगरानी टीम ने तुरंत स्थिति संभाली।

बाद में स्थानीय लोगों को बताया गया कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कार्रवाई है। दोनों आरोपी नीतीश कुमार (कनीय अभियंता, बिजली विभाग) और देवेंद्र कुमार (लाइनमैन) को हिरासत में लेकर पटना के निगरानी मुख्यालय रवाना कर दिया गया। वहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई होगी।

आशीष कुमार ने बताया कि मैंने सोचा था कि सरकारी कामों में रिश्वत तो चलती ही है, लेकिन निगरानी टीम ने मेरा भरोसा बहाल कर दिया। अब उम्मीद है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंचेंगे।

यह घटना न केवल हिलसा बल्कि पूरे नालंदा जिले के लिए एक चेतावनी है। बिजली विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का प्रतीक माना जाता है, वहां भ्रष्टाचार का यह जड़ पकड़ना चिंताजनक है। कनेक्शन लेने से लेकर मीटर रीडिंग तक हर कदम पर ‘घूस’ की मांग आम हो चुकी है।

बिजली विभाग में निगरानी ब्यूरो की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपील की है कि निगरानी हेल्पलाइन 0612-2233333 पर कॉल करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

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