जानें BPSC TRE-3 से नियुक्त अध्यापकों के वेतन भुगतान की क्या है तैयारी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित तृतीय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (BPSC TRE-3) के माध्यम से नियुक्त होकर स्कूलों में योगदान देने वाले अध्यापकों के लिए एक अच्छी खबर है।
शिक्षा विभाग ने इन अध्यापकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक काररवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2023 के प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी।
शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी नव नियुक्त अध्यापकों को न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत आच्छादित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक अध्यापक के पास प्रान (Permanent Retirement Account Number) नंबर होना अनिवार्य है। प्रान आवंटन की प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए ओपीजीएम (Online Permanent Government Module) और ई-एनपीएस (e-NPS) पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ई-एनपीएस प्रणाली पूरी तरह से पेपरलेस है। इस प्रणाली में अध्यापकों को अपनी सभी आवश्यक जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरनी होगी। इसके बाद नोडल पदाधिकारी द्वारा जानकारी के सत्यापन और स्वीकृति के पश्चात प्रान नंबर आवंटित किया जाएगा।
प्रान नंबर आवंटन के बाद, अध्यापकों का डेटा एचआरएमएस (Human Resource Management System) पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बीपीएससी द्वारा टीआरई-3 परीक्षा के लिए बनाए गए पोर्टल और ई-एनपीएस पोर्टल से अध्यापकों का डेटा प्राप्त किया जाएगा। यह डेटा विभागीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से एचआरएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के लिए अध्यापकों को विभागीय काउंसलिंग पोर्टल पर टेक्निकल ज्वाइनिंग करना अनिवार्य है। इस ज्वाइनिंग में योगदान की तारीख और समय स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा।
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी अध्यापकों का वेतन भुगतान बिना किसी विलंब के शुरू हो सके। विभाग का यह कदम न केवल नव नियुक्त अध्यापकों के लिए राहतकारी है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
- प्रान आवंटन: सभी अध्यापकों को ई-एनपीएस पोर्टल के माध्यम से प्रान नंबर प्राप्त करना होगा।
- टेक्निकल ज्वाइनिंग: विभागीय काउंसलिंग पोर्टल पर योगदान की तारीख और समय दर्ज करना अनिवार्य है।
- एचआरएमएस ऑन-बोर्डिंग: डेटा अपलोड के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह प्रक्रिया न केवल अध्यापकों के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी, बल्कि बिहार के शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा देगी। शिक्षा विभाग के इस कदम से टीआरई-3 के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों में उत्साह का माहौल है।





