इस्लामपुर में मजदूर की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के कस्तूरी बिगहा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। अहले सुबह गांव के बाहरी इलाके में एक शीशम के पेड़ पर लटके शव को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। शव की पहचान सुरेंद्र चौहान (40 वर्ष) के रूप में हुई, जो मूल रूप से जहानाबाद जिले के लरियार बिगहा गांव का निवासी था, वह लेकिन पिछले 20 वर्षों से कस्तूरी बिगहा में अपने परिवार के साथ रह रहा था। प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति से यह प्रतीत होता है कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है, जिसके बाद शव को पेड़ से लटकाया गया।
बताया जाता है कि गांव के लोग सुबह खेतों की ओर जा रहे थे, तभी करनिया खंधा के पास एक शीशम के पेड़ पर फंदे से लटका हुआ शव दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत शव की पहचान की और मृतक के परिजनों को सूचना दी। शव को देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक के बहनोई रामाधीन चौहान ने बताया कि सुरेंद्र चौहान राजमिस्त्री का काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी का निधन पहले हो चुका है और वह अपने पांच बच्चों और पोता-पोती के साथ रहता था। आठ दिन पहले वह काम के सिलसिले में पटना गया था।
घटना की सूचना मिलते ही इस्लामपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पेड़ से उतारा गया और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मृतक के पास से एक रेलवे टिकट और मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव की स्थिति से हत्या का संदेह प्रबल है। शव पर चोट के निशान और फंदे से लटकाने का तरीका यह संकेत देता है कि सुरेंद्र चौहान की हत्या के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटकाया गया हो सकता है।
हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या और आत्महत्या दोनों दृष्टिकोणों से जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही घटना का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
इस घटना ने कस्तूरी बिगहा गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरेंद्र चौहान एक मेहनती और सामान्य व्यक्ति था, जिसका किसी से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में इस तरह की जघन्य वारदात ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में चर्चा है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण हो सकता है, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं की है।
पुलिस ने घटनास्थल से आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक के मोबाइल फोन और रेलवे टिकट की जांच की जा रही है, ताकि उसके अंतिम दिनों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा गांव में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा गया है। इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।





