Home दीपनगर शराब तस्कर को 7 साल बाद 5 साल का सश्रम कारावास

शराब तस्कर को 7 साल बाद 5 साल का सश्रम कारावास

Liquor smuggler sentenced to 5 years rigorous imprisonment after 7 years
Liquor smuggler sentenced to 5 years rigorous imprisonment after 7 years

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय में एक सनसनीखेज मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) संजय सिंह ने एक शराब तस्कर को बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम की धारा 30 के तहत पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायाधीश ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया गया।

यह मामला 1 जून 2017 का है, जब दीपनगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पी.पी.) रमाशंकर प्रसाद और वरीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने मजबूती से पक्ष रखा।

विचारण के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष राहुल सहित सात गवाहों की गवाही कराई गई। एक गवाह को छोड़कर सभी ने घटना का पूर्ण समर्थन किया और अभियुक्त की पहचान की पुष्टि की।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि देवीसराय स्थित एक वाहन गैरेज में अवैध शराब का भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैरेज पर छापेमारी की। इस दौरान गैरेज से झारखंड निर्मित देशी शराब के 200 मिलीलीटर के 180 पाउच बरामद किए गए। बरामद शराब को जब्त कर अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ मजबूत तर्क प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजक रमाशंकर प्रसाद और अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह की दलीलों ने अभियुक्त के अपराध को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सात गवाहों में से छह ने घटना की पुष्टि करते हुए अभियुक्त को स्पष्ट रूप से पहचाना, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह सजा सुनाई।

न्यायाधीश संजय सिंह ने अपने फैसले में कहा कि शराब तस्करी जैसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। इस सजा को शराब तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version