बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा में शराबबंदी कितना कारगर हुआ है, उसका एक और नमूना सामने आया है। जहरीली शराब से पिछले महीने हुई 12 लोगों की हुई मौत के बाद भी लोग इसके सेवन से बाज नहीं आ रहे है। न ही पुलिस धंधेबाजो पर अंकुश लगाने में कामयाब हो पाई है।

इसके बाद वीडियो बनाने वाला व्यक्ति बोला तुंगी में शराब पीने के लिए, जिसके बाद शराब ले जाने वाला व्यक्ति बोलता है कि वीडियो बना रहे हो क्या और यह बोलकर आगे बढ़ जाता है।
यह वीडियो जहरीली शराब से हुई मौत के बाद पुलिस के कार्यवाई पर सवाल खड़ा करती है। दिन के उजाले में भी ऐसे खुलेआम शराब का सेवन करने वाले लोग शराबबंदी की धज्जियां उड़ा रहे है। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शराब बंदी के बाद भी जिले के हर क्षेत्र से आये दिन शराब बरामद हो रहा है। कुछ शराब पुलिस के हाथ लगता है तो कुछ शराब पीने बाले पी जाते है।
वही देशी शराब ले जाते युवक के विडियो वायरल से साफ दिखाई देता है कि दीपनगर थाना क्षेत्र में अब भी देशी शराब खुलेआम बेची जा रही है और लोग इसका सेवन भी कर रहे है।
ऐसे में सवाल उठना लाजमि है कि क्या दीपनगर थाना क्षेत्र के तुंगी गाँव में शराब बनता है और खुलेआम बेचा जाता है और लोग दिन के उजाले मे ही शराब खरीदने और शराब का सेवन करने तुंगी गाँव आते है तो तुंगी गाँव के चौकीदार को इस बात की जानकारी नहीं रहती है या उस क्षेत्र के थानेदार को भी जानकारी नही होगी? जिस गाँव का चौकीदार है उसे उस गाँव के बारे मे खबर नही तो फिर थाने मे पदस्थापित और भी पदाधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होगी?
जब की सूत्र बताते है कि दीपनगर थाना क्षेत्र के अधिकांश गाँव मे शराब बनाया जाता है। पुलिस के आने की भनक शराब बनाने वाले माफियाओं को मिल जाती है। जिससे शराब माफियाँ पहले ही निकल जाते है और पुलिस के हाथ लगते है शराब बनाने के उपकरण।