
हिलसा (नालंदा दर्पण)। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान के तहत हिलसा अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इस अभियान के माध्यम से हिलसा कोर्ट में अब तक 23 लंबित मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इनमें पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, उपभोक्ता मामले, व्यावसायिक अनुबंध और छोटे-छोटे आपराधिक मामले शामिल हैं।
अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी शोभना स्वेतांकी ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को मध्यस्थता प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना है। मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान आपसी सहमति से अदालत के बाहर और शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। इससे न केवल न्यायालयों पर बढ़ता बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को त्वरित राहत मिलेगी और समाज में समरसता भी कायम होगी।
मध्यस्थता अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशिक्षित न्यायिक अधिकारी रघुवंश नारायण और अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई है। दोनों ने सुलह के आधार पर विवादों का निपटारा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शोभना स्वेतांकी ने बताया कि मध्यस्थता एक सहज, समयबद्ध और किफायती प्रक्रिया है, जो विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी विश्वास और संबंधों में सुधार लाती है। यह समाज में सौहार्द और सामंजस्यपूर्ण वातावरण स्थापित करने में भी सहायक है।
शोभना स्वेतांकी ने आमजन से अपील की कि जो लोग छोटे-छोटे विवादों के कारण लंबे समय से अदालतों के चक्कर काट रहे हैं और उन्हें न्याय मिलने में विलंब हो रहा है, वे इस मध्यस्थता अभियान का लाभ अवश्य उठाएं। खासकर उन मामलों में जहां आपसी सहमति से समाधान संभव हो, मध्यस्थता एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकती है।
इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आयोजित एक बैठक में बिजली विभाग, मापतौल विभाग, बीएसएनएल और वन विभाग के अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों के निपटारे में सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बीएसएनएल से सुमन कुमार, बिजली विभाग से पंकज कुमार, रौशन कुमार, मापतौल विभाग से सुनील कुमार, मंजेश कुमार श्रीवास्तव, इस्लामपुर, वन विभाग से सविंदर कुमार और बिजली विभाग से सुभाष कुमार उपस्थित रहे।
वेशक यह अभियान न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का प्रयास है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का भी एक सशक्त माध्यम है। हिलसा में इस अभियान की सफलता अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है। मध्यस्थता के जरिए न केवल समय और संसाधनों की बचत होती है, बल्कि यह लोगों को एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और समझ विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है।





