चिक्सौरा थाना क्षेत्र में मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन, कुख्यात मिस्त्री गिरफ्तार
चिक्सौरा जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की गंभीरता को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और अपराध नियंत्रण के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के चिक्सौरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण में लिप्त एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
शुक्रवार रात को गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में स्थानीय निवासी शंकर विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया, जो अपने घर में देसी हथियारों का निर्माण कर रहा था। इस ऑपरेशन की जानकारी हिलसा डीएसपी रंजन कुमार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
हिलसा सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रभानु और चिक्सौरा थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। डीएसपी रंजन कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई शुक्रवार रात शंकर विश्वकर्मा के घर पर अंजाम दी गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को एक संगठित हथियार निर्माण इकाई का खुलासा हुआ, जो अवैध रूप से देसी पिस्तौल और कट्टे बना रही थी।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और निर्माण उपकरण बरामद किए, जो इस गोरखधंधे की गंभीरता को दर्शाते हैं। बरामद सामग्रियों में चार अर्धनिर्मित देसी पिस्तौल की बॉडी, चार अर्धनिर्मित बैरल , एक देसी कट्टा (लोहे और लकड़ी से निर्मित) , एक पूरी तरह तैयार देसी पिस्तौल , एक कारतूस और एक मिसफायर खोखा शामिल है।
वहीं निर्माण उपकरणों में 11 विभिन्न आकार की रेती, तीन ट्रिगर और ट्रिगर गार्ड, दो ड्रिल मशीन , एक ग्राइंडर मशीन , तीन लोहा काटने वाली आरी , रिंच, हैंड ग्रिप और अन्य टूल्स शामिल है।
इस कार्रवाई में चिक्सौरा थाने के सशस्त्र बल की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सुबोध राणा, विजय कुमार, दिलीप कुमार, राजकुमार और मनोज कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने छापेमारी को सफल बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। डीएसपी रंजन कुमार ने टीम की तत्परता और प्रभावशाली कार्यशैली की सराहना की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी रंजन कुमार ने कहा कि यह छापेमारी नालंदा पुलिस की सतर्कता और अपराध के खिलाफ कठोर रुख का परिणाम है। अवैध हथियारों का निर्माण समाज के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ हमारी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि शंकर विश्वकर्मा से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। शंकर विश्वकर्मा के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये हथियार कहां सप्लाई किए जा रहे थे और क्या इस गोरखधंधे में अन्य लोग भी शामिल हैं।





