नगरनौसा पुलिस की बडीहा में छापेमारी, 3 देशी कट्टा-17 कारतूस समेत 5 गिरफ्तार

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस की सतर्कता एक बार फिर रंग लाई। गुप्त सूचना के आधार पर थाना पुलिस ने बडीहा गांव में रातोंरात छापेमारी की और तीन देशी कट्टा, 315 बोर के 17 जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद करते हुए कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों में गांव के ही मुन्ना भगत (उम्र करीब 55 वर्ष), लक्ष्मण कुमार, शत्रुधन कुमार (दोनों सगे भाई, पिता अशोक यादव) तथा दो नाबालिग शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार लक्ष्मण और शत्रुधन के सगे भाई रवि कुमार ने ही नगरनौसा के तत्कालीन थानाध्यक्ष अवधेश कुमार की छापेमारी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह कार्रवाई क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल को तोड़ने वाली साबित हो रही है।

थानाध्यक्ष शशिरंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि बडीहा गांव में कुछ लोग अवैध आग्नेयास्त्र छुपाकर रखे हुए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सीएपीएफ बल की मदद ली गई और तुरंत छापेमारी दल गठित किया गया। सबसे पहले दल ने मुन्ना भगत के घर पर दबिश दी। घर की तलाशी के दौरान कमरे में दो व्यक्ति सोते हुए मिले। कमरे में रखे नीले रंग के डिब्बे से तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। चूंकि दोनों व्यक्ति विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) थे, इसलिए उन्हें निरुद्ध ज्ञापन तैयार कर हिरासत में लिया गया।

इसके बाद मुन्ना भगत के घर के पीछे बनी झोपड़ी पर ध्यान केंद्रित किया गया। झोपड़ी को विधिवत घेराबंदी कर टिन का दरवाजा खुलवाया गया। दरवाजा खोलने वाला व्यक्ति मुन्ना भगत खुद था। झोपड़ी की तलाशी में उजले रंग के प्लास्टिक में लिपटा एक लोडेड देशी कट्टा मिला, जिसे अनलोड करने पर एक जिंदा कारतूस निकला। साथ ही कपड़े के भूरे रंग के थैले से तीन जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए।

मुन्ना भगत के दूसरे घर की तलाशी ली गई तो कमरे के छज्जे पर काले रंग के प्लास्टिक में लिपटा एक लोहे का देशी कट्टा मिला। इस तरह मुन्ना भगत के पास से एक देशी कट्टा और सात जिंदा कारतूस सहित अन्य सामान बरामद हुए।

छापेमारी के दौरान ही एक और महत्वपूर्ण सूचना मिली कि गांव के ही लक्ष्मण कुमार और शत्रुधन कुमार (दोनों पिता अशोक यादव) अपने घर में अवैध हथियार छुपाए हुए हैं। पुलिस दल ने तुरंत उनके घर को घेराबंदी कर तलाशी शुरू की। दोनों भाइयों के सिरहाने रखा एक लोडेड देशी कट्टा मिला, जिसे अनलोड करने पर एक जिंदा कारतूस निकला। नीले रंग के थैले से नौ जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। इस प्रकार लक्ष्मण और शत्रुधन के पास से एक देशी कट्टा और दस जिंदा कारतूस मिले।

कुल मिलाकर छापेमारी में तीन देशी कट्टा, 17 जिंदा कारतूस (315 बोर), दो खोखा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना कांड संख्या 276/25 दर्ज कर लिया गया है। अनुसंधान चल रहा है और सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई इसलिए भी सुर्खियां बटोर रही है, क्योंकि गिरफ्तार लक्ष्मण कुमार और शत्रुधन कुमार के भाई रवि कुमार ने पूर्व में नगरनौसा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अवधेश कुमार की हत्या की थी। यह घटना छापेमारी के दौरान हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गिरफ्तारी पुराने हत्याकांड से जुड़े परिवार में अवैध हथियारों की मौजूदगी को उजागर करती है, जो अपराध की जड़ों को काटने में मददगार साबित हो सकती है।

इस छापेमारी दल में चंडी अंचल निरीक्षक सत्यम चंद्रवंशी, अपर थानाध्यक्ष ईसमा प्रवीण, सअनि धर्मेंद्र यादव, सिपाही शंकर कुमार, विकास कुमार, मोहम्मद इमरान अहमद, काजल कुमारी और निरंजन कुमार शामिल थे।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker