नालंदा DM ने इन 12 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को दी मंजूरी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने सुलभ संपर्कता योजना के तहत कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने विभिन्न प्रखंडों में प्रस्तावित सड़क निर्माण परियोजनाओं की अनुशंसा की है, जो न केवल ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को और सुगम बनाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा अनुशंसित सड़क परियोजनाएँ नालंदा के विभिन्न प्रखंडों में फैली हुई हैं। इनमें रहुई, चंडी, नूरसराय, नगरनौसा और हरनौत शामिल हैं। इन परियोजनाओं का कुल अनुमानित लंबाई लगभग 20.6 किलोमीटर है।
रहुई प्रखंड
- पथ का नाम: अम्बा बजरंगबली मंदिर से एन.एच.-78 भाया कादी बिगहा
- अनुमानित लंबाई: 2.250 किमी
- महत्व: यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को बाजार और अन्य सुविधाओं तक पहुँचने में आसानी होगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: दरियापुर में चिश्तीपुर ग्राम तक पथ निर्माण
- अनुमानित लंबाई: 2.680 किमी
- महत्व: यह सड़क चिश्तीपुर जैसे दूरस्थ गाँवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार होगा।
नूरसराय प्रखंड
- पथ का नाम: नूरसराय-हिलसा पथ से कोकलकचक पथ से गौड़ापर पथ
- अनुमानित लंबाई: 1.000 किमी
- महत्व: यह छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सड़क स्थानीय समुदायों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
नूरसराय प्रखंड
- पथ का नाम: होरिल बिगहा शशी नदी पुल के पास रसुला धानवा पथ
- अनुमानित लंबाई: 1.500 किमी
- महत्व: यह सड़क नदी के किनारे बसे गाँवों को जोड़ेगी, जिससे बरसात के मौसम में आवागमन की समस्या कम होगी।
नूरसराय प्रखंड
- पथ का नाम: कैड़ी मिल्कीपर पथ से पावापट्टी पासवान टोली
- अनुमानित लंबाई: 1.110 किमी
- महत्व: यह सड़क सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
नूरसराय प्रखंड
- पथ का नाम: बिहार एकंगर राष्ट्रीय राजमार्ग से ईशापुर होते हुए होरिल बिगहा से मनारा पथ
- अनुमानित लंबाई: 5.200 किमी
- महत्व: यह सबसे लंबी प्रस्तावित सड़क है, जो कई गाँवों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: सिकरिया से पितोखरी पथ
- अनुमानित लंबाई: 1.600 किमी
- महत्व: यह सड़क स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा देगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: नरसंडा सालेपुर पथ के कचरा से रैठा पथ
- अनुमानित लंबाई: 2.300 किमी
- महत्व: यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को बेहतर बनाने में सहायक होगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: गंगौरा से ढकनिया पथ
- अनुमानित लंबाई: 0.800 किमी
- महत्व: छोटी दूरी की यह सड़क स्थानीय समुदायों के लिए दैनिक आवागमन को आसान बनाएगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: लालगंज-राजाबाद रोड से (नियर प्रा.वि. महेशपुर) पंचायत सरकार भवन पडरी तक
- अनुमानित लंबाई: 0.850 किमी
- महत्व: यह सड़क पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँच को सुगम बनाएगी।
चंडी प्रखंड
- पथ का नाम: लालगंज-राजाबाद रोड से (नियर पेट्रोल पंप) चण्डी रेलवे स्टेशन तक
- अनुमानित लंबाई: 0.750 किमी
- महत्व: रेलवे स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय यात्रा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
नगरनौसा प्रखंड
- पथ का नाम: सैदनपुर (अकैड़) से रामपुर पथ
- अनुमानित लंबाई: 1.400 किमी
- महत्व: यह सड़क स्थानीय गाँवों को जोड़ेगी और कृषि उत्पादों के परिवहन को आसान बनाएगी।
हरनौत प्रखंड
- पथ का नाम: चेरन-धरमपुर पथ से डिहरा फलनवा रोड
- अनुमानित लंबाई: 1.050 किमी
- महत्व: यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों में फल उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देगी।
इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से नालंदा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। ये सड़कें न केवल स्थानीय लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगी। विशेष रूप से इन सड़कों से किसानों को अपनी उपज को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।





