Home आवागमन अजीमाबाद एक्सप्रेस की सुविधा से चहका नालंदा पर्यटन शिक्षा क्षेत्र

अजीमाबाद एक्सप्रेस की सुविधा से चहका नालंदा पर्यटन शिक्षा क्षेत्र

Nalanda tourism education sector brightened with the facility of Azimabad Express
Nalanda tourism education sector brightened with the facility of Azimabad Express

राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय रेलवे द्वारा अजीमाबाद एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12947/12948) के राजगीर तक विस्तार ने न केवल यात्रियों को सुगम रेल कनेक्टिविटी दी है, बल्कि इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर और चमकदार बना दिया है। यह ट्रेन नालंदा, नवादा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद के लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो अब कोटा, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ गए हैं।

विगत 25 जुलाई 2025 को राजगीर से अजीमाबाद एक्सप्रेस की पहली यात्रा ने नालंदा के लोगों में उत्साह की लहर दौड़ा दी। यह ट्रेन प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को राजगीर से रात 9:00 बजे रवाना होती है, जो नालंदा (9:12 बजे), बिहारशरीफ (9:30 बजे), बख्तियारपुर (10:21 बजे), पटना साहिब (11:00 बजे) और पटना जंक्शन (11:35 बजे) होते हुए अहमदाबाद के लिए प्रस्थान करती है।

29 घंटों में 1762 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी, फर्स्ट एसी, और इकोनॉमी कोच के साथ यात्रियों को आरामदायक और किफायती विकल्प प्रदान करती है।

पहले यह ट्रेन पटना से राजगीर तक एक स्पेशल ट्रेन के रूप में चलती थी, लेकिन उस समय राजगीर से टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं थी। अब रेलवे के नक्शे में राजगीर को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।

नालंदा और राजगीर प्राचीन विश्वविद्यालय और बौद्ध-जैन तीर्थ स्थलों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, अब इस ट्रेन के माध्यम से देश के पश्चिमी हिस्सों से और बेहतर तरीके से जुड़ गए हैं।

पर्यटक व्यवसायी रमेश जैन कहते हैं कि अजीमाबाद एक्सप्रेस ने राजगीर को गुजरात और राजस्थान के पर्यटकों के लिए और सुलभ बना दिया है। पहले हमें केवल दिल्ली या कोलकाता के रास्ते यात्रियों की उम्मीद रहती थी, लेकिन अब अहमदाबाद जैसे बड़े शहर से सीधा संपर्क पर्यटन को दोगुना कर सकता है।

वहीं पावापुरी के जैन मंदिर, नालंदा के पुरातात्विक खंडहर और राजगीर के शांति स्तूप जैसे स्थल पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अब अजीमाबाद एक्सप्रेस के साथ इन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।

स्थानीय गाइड नीरज कुमार ने उत्साह से कहा कि यह ट्रेन न केवल पर्यटकों को लाएगी, बल्कि हमारी संस्कृति और इतिहास को भी देश के कोने-कोने तक ले जाएगी।

हालांकि यह ट्रेन केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। नालंदा विश्वविद्यालय और राजगीर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अब अहमदाबाद जैसे औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्रों तक आसानी से पहुँचने का मौका मिलेगा।

एक छात्रा वंदना भारती ने बताया कि वह अहमदाबाद में इंटर्नशिप के लिए जाना चाहती थी, लेकिन पहले रास्ता बहुत जटिल था। अब यह ट्रेन मेरे जैसे कई छात्रों के लिए सपनों को सच करने का रास्ता खोलेगी।

इसके अलावा व्यापारियों के लिए भी यह ट्रेन एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। नवादा के कपड़ा व्यापारी मो. वसीम अकरम कहते हैं कि अहमदाबाद टेक्सटाइल उद्योग का केंद्र है। अब हम अपने उत्पाद वहाँ आसानी से ले जा सकते हैं और वहाँ से कच्चा माल ला सकते हैं। यह हमारे व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

स्थानीय निवासियों में इस नई रेल सेवा को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बिहारशरीफ के निवासी और रेल यात्री संघ के सदस्य रवि शंकर ने कहा कि पहले हमें लंबी दूरी की यात्रा के लिए पटना या गया जाना पड़ता था। अब राजगीर से ही सीधी ट्रेन मिल रही है, यह हमारे लिए समय और पैसे दोनों की बचत है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेन की बुकिंग शुरू होने के बाद से ही टिकटों की माँग में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हम इस ट्रेन के साथ मिलकर पर्यटन पैकेज तैयार करने की योजना बना रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग नालंदा और राजगीर की सांस्कृतिक विरासत को देखने आएं।

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