अब सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे राहुल गांधी, दशरथ मांझी के घर जाएंगे

राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय लोकतंत्र में समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की अलख जगाने निकले कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अब सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे। वे अपने संविधान सुरक्षा अभियान के तहत 6 जून को राजगीर का दौरा करेंगे। पहले उनकी योजना हेलिकॉप्टर से आने की थी, लेकिन अब वे गया से सड़क मार्ग द्वारा ऐतिहासिक शहर राजगीर की धरती पर कदम रखेंगे।

इस बात की जानकारी कांग्रेस अतिपिछड़ा विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जहिन ने एक प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी इस दौरान समाज के सबसे संघर्षशील प्रतीक रहे पहाड़ पुरुष दशरथ मांझी के घर भी जाएंगे और उनके पुत्र भागीरथ मांझी से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव को फिर से मजबूत करने का संकल्प है।

राहुल गांधी का यह अभियान खासतौर पर देश के वंचित वर्गों जैसे पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और उनके संवैधानिक हकों की पुनःस्थापना के लिए समर्पित है। राहुल गांधी यह मानते हैं कि इन वर्गों को उनका हक दिलाए बिना भारत को सशक्त और समावेशी राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता।

डॉ. जहिन ने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा कोई पब्लिक सभा नहीं, बल्कि एक चिन्हित प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। राजगीर में एक घंटे की मौजूदगी के दौरान राहुल गांधी करीब 45 मिनट तक पार्टी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे और समाज के विभिन्न वंचित समूहों से संवाद स्थापित करेंगे।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी ने 24 जुलाई 2024 को लोकसभा में जाति जनगणना का प्रस्ताव रखा था, जिसे पहले भाजपा ने मजाक में लिया था, लेकिन अब उसी सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है। यह कांग्रेस के सामाजिक न्याय के प्रति संकल्प और दूरदृष्टि को दर्शाता है।

इस अवसर पर मंच पर मौजूद रहे कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता प्रदेश अध्यक्ष शशिभूषण पंडित, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संजय बाल्मीकि, पूर्व विधायक अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला, नेता श्यामदेव राजवंशी और शिवनंदन सिंह ने भी राहुल गांधी के इस पहल को ऐतिहासिक बताया।

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