Home आवागमन अब राजगीर रेलवे ओवर ब्रिज को है मुख्यमंत्री का इंतजार

अब राजगीर रेलवे ओवर ब्रिज को है मुख्यमंत्री का इंतजार

Now Rajgir Railway Over Bridge is waiting for the Chief Minister
Now Rajgir Railway Over Bridge is waiting for the Chief Minister

राजगीर (नालंदा दर्पण)। सपनों का सच होना आसान नहीं, पर राजगीर के लिए यह पल अब करीब है। पिछले 9 वर्षों से राजगीर-बिहारशरीफ राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच-82) पर रेलवे क्रॉसिंग की जाम की समस्या से जूझ रहे निवासियों के लिए राहत की खबर है। बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) लगभग तैयार है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे।

साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय और बिहार खेल विश्वविद्यालय को जोड़ने वाली टू-लेन बायपास सड़क को फोरलेन में बदलने की परियोजना का भी शिलान्यास होगा। यह राजगीर के लिए न केवल यातायात की दृष्टि से, बल्कि शैक्षणिक और पर्यटन विकास के लिए भी एक ऐतिहासिक कदम है।

राजगीर का रेलवे ओवर ब्रिज वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन निर्माण कंपनी की लापरवाही और प्रशासनिक देरी के कारण यह परियोजना नौ साल बाद अब जाकर पूरी हो रही है। पूर्वी लेन पूरी तरह तैयार है, जबकि पश्चिमी लेन और रेलिंग का काम तेजी से चल रहा है।

उद्घाटन के बाद इस ओवर ब्रिज पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन शुरू होगा और रेलवे क्रॉसिंग बंद हो जाएगी।  यह ओवर ब्रिज राजगीर के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। जाम से मुक्ति, समय की बचत और सुरक्षित यात्रा के साथ यह क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही नालंदा विश्वविद्यालय और बिहार खेल विश्वविद्यालय को जोड़ने वाली बायपास सड़क को फोरलेन में बदलने की परियोजना का शिलान्यास करेंगे।

करीब 139.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क राजगीर की तीसरी फोरलेन सड़क होगी। यह न केवल दोनों विश्वविद्यालयों के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि पर्यटन, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में राजगीर को एक आधुनिक नगरी के रूप में स्थापित करेगी।

हालांकि यह परियोजना उत्साहजनक है, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के दक्षिण और पश्चिमी हिस्से में सर्विस लेन की कमी ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा की है। डॉ. अनिल कुमार कहते हैं कि सर्विस लेन के बिना दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को मुख्य सड़क पर चलना पड़ेगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा।

गोलू यादव जैसे अन्य निवासी भी इसे एक बड़ी चूक मानते हैं और मांग कर रहे हैं कि जनसुरक्षा के लिए जल्द से जल्द सर्विस लेन का निर्माण हो।

बहरहाल, राजगीर का यह रेलवे ओवर ब्रिज और फोरलेन सड़क न केवल यातायात को सुगम बनाएंगे, बल्कि शहर को शिक्षा, पर्यटन और खेल का एक प्रमुख केंद्र बनाने में भी योगदान देंगे। स्थानीय लोगों की आवाज को सुनकर और सर्विस लेन जैसे मुद्दों को हल करके राजगीर एक आधुनिक और सुव्यवस्थित नगरी के रूप में उभरेगा।

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