बिहार खेल विश्वविद्यालय में प्रथम बैच का उन्मुखीकरण: राजगीर से नई खेल क्रांति की शुरुआत

राजगीर (नालंदा दर्पण)। आज बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए क्रिकेट और एथलेटिक्स में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में नामांकित प्रथम बैच के विद्यार्थियों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम (Orientation Programme) भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू किया, बल्कि बिहार को खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभागार में हुआ। बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर सिन्हा, भाप्रसे (सेनि) और कुलसचिव रजनी कांत, भाप्रसे (सेनि) की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी विशेष बनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक पुस्तकालय के उद्घाटन के साथ हुई। यह पुस्तकालय न केवल शैक्षणिक संसाधनों का भंडार है, बल्कि विद्यार्थियों के बौद्धिक और खेल-संबंधी अनुसंधान में एक मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक-सह-डीन निशिकांत तिवारी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, और प्रशिक्षण व्यवस्था से अवगत कराया। उन्होंने समय-सारिणी, आचार संहिता और आगामी आयोजनों जैसे फ्रेशर्स डे और राष्ट्रीय खेल दिवस के बारे में विस्तार से बताया।

कुलपति शिशिर सिन्हा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्य संस्कृति से परिचित कराया और बताया कि यह विश्वविद्यालय न केवल खेल प्रशिक्षण प्रदान करेगा, बल्कि आपको अनुशासित और नेतृत्वकारी व्यक्तित्व के रूप में विकसित करेगा।

कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग दिशा-निर्देशों पर विशेष ध्यान दिया गया। श्री निशिकांत तिवारी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान अनुशासन और समावेशी वातावरण के महत्व को रेखांकित किया। विश्वविद्यालय का यह कदम सुनिश्चित करता है कि सभी विद्यार्थी सुरक्षित और प्रेरणादायक माहौल में अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें।

इस अवसर पर डॉ. रवि कुमार सिंह, चंदन कुमार, डॉ. अजीत कुमार, रौशन कुमार (विश्वविद्यालय के परामर्शी), सुश्री पूजा कुमारी (प्रभारी सेंटर अध्यक्ष), अन्य संकाय सदस्य, कोच, और विश्वविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन श्री निशिकांत तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

बता दें कि विश्वविद्यालय की योजनाएँ केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं हैं। यहाँ 33 प्रकार के खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी प्रैक्टिस टर्फ, और प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं।

बहरहाल, यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम बिहार खेल विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल प्रथम बैच के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की व्यवस्था से परिचित कराता है, बल्कि बिहार को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

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