
सिलाव (नालंदा दर्पण)। सिलाव प्रखंड अंतर्गत बड़ाकर पंचायत के बड़ाकर गांव में वर्षों पुराने होलिका दहन स्थल पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर मामले को लेकर गांव के सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर महतो ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सह भूमि राजस्व मंत्री विजय सिन्हा को पत्र लिखकर अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है।
धर्मवीर महतो ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बड़ाकर गांव में आवापर नदी के समीप स्थित लगभग 30×30 फीट का स्थल पिछले करीब 100 वर्षों से होलिका दहन के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
आरोप है कि गांव के ही जाहिद खान एवं वाहिद खान (पिता–स्व. सईद खान) द्वारा उक्त सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे परंपरागत रूप से होने वाला होलिका दहन बाधित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अतिक्रमण को लेकर छह माह पूर्व अंचल अधिकारी सिलाव को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था। अंचल अधिकारी जांच के लिए स्थल पर पहुंचे भी, लेकिन आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया, जिसे ग्रामीण प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देख रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि होली पर्व के दौरान होलिका दहन नहीं हो पाया तो गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को देखते हुए पूरे गांव की ओर से मांग की गई है कि होली से पूर्व होलिका दहन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, क्योंकि यह भूमि सरकारी है और उस पर कब्जा कैसे किया गया, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
धर्मवीर महतो ने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में अंचल अधिकारी, सिलाव से स्पष्टीकरण लिया जाए तथा त्वरित कार्रवाई कर गांव की परंपरा और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखा जाए।
इस आवेदन की प्रतिलिपि अंचल अधिकारी, सिलाव एवं अनुमंडल पदाधिकारी, राजगीर को भी भेजी गई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और भूमि राजस्व विभाग इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और होली से पहले ग्रामीणों का आक्रोश ठंढा हो पाता है या नहीं?





