Home प्रशासन आउटसोर्स कर्मियों को मिला बड़ा अधिकार, भ्रष्टाचारियों को छूट नहीं

आउटसोर्स कर्मियों को मिला बड़ा अधिकार, भ्रष्टाचारियों को छूट नहीं

Outsourced workers get major powers, no respite for corrupt people

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार ने आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत हजारों कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो उनकी नौकरी की सुरक्षा को और मजबूत करता है। अब यदि उनकी सेवाएं किसी कारणवश वापस ली जाती हैं तो उन्हें इस निर्णय के खिलाफ अपील दायर करने का अधिकार होगा।

हालांकि यह सुविधा उन कर्मियों के लिए नहीं होगी, जो भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी जैसे गंभीर मामलों में लिप्त पाए गए हैं। इस संबंध में जिला स्थापना शाखा ने एक आदेश जारी किया है, जोकि बिहार सरकार के सचिव और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निर्देशों पर आधारित है।

इस आदेश के अनुसार जिला, अनुमंडल, प्रखंड, अंचल, पंचायत स्तर के कार्यालयों और पुलिस विभाग में आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को यह अधिकार प्रदान किया गया है। सरकारी उपक्रम बेल्ट्रॉन के माध्यम से सेवा प्रदाता कंपनियां विभिन्न विभागों में प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी बॉय और आईटी गर्ल जैसे कर्मी उपलब्ध कराती हैं।

अक्सर जब इन कर्मियों की अधियाचना (रिक्विजिशन) समाप्त हो जाती है तो उनकी सेवाएं बेल्ट्रॉन को वापस कर दी जाती हैं। इसके बाद उन्हें नई तैनाती के लिए फिर से लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जो उनके लिए कठिनाई का सबब बनता है।

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने नैसर्गिक न्याय (नैचुरल जस्टिस) के सिद्धांत के तहत यह निर्णय लिया है। अब यदि किसी कर्मी की सेवाएं वापस ली जाती हैं, तो वे अपने पक्ष में पूर्व साक्ष्य (पुराने कार्य के प्रमाण) प्रस्तुत करते हुए अपील दायर कर सकेंगे। यह कदम ईमानदार कर्मियों को उनके अधिकारों की रक्षा करने का अवसर प्रदान करता है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा सभी कर्मियों के लिए नहीं है। जिन कर्मियों पर भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी का आरोप सिद्ध हो चुका है, उन्हें इस अधिकार से वंचित रखा जाएगा। विशेष रूप से कई मामलों में यह सुविधा लागू नहीं होगी।

जिन कर्मियों को निगरानी या आर्थिक अपराध इकाई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा हो। जिनके खिलाफ सेवा से संबंधित किसी मामले में मुकदमा दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार किया गया हो। जिन्हें किसी अपराध में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया हो।

यह निर्णय न केवल आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है, बल्कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जो कर्मियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देती है। यह कदम उन कर्मियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अचानक सेवा समाप्ति के कारण अनिश्चितता का सामना करते हैं।

इसके अलावा यह निर्णय बेल्ट्रॉन और अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ कार्यरत कर्मियों के लिए एक स्थिर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बिना किसी अनावश्यक दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।

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