पटना और जयपुर ने 33वीं राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में दम दिखा फाइनल में पहुंची

राजगीर (नालंदा दर्पण)। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय राजगीर में आयोजित तीन दिवसीय 33वीं राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता का दूसरा दिन रोमांच और उत्साह से भरा रहा। देशभर से आए 588 छात्र-छात्राओं, 67 अभिभावकों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और 20 सदस्यीय निर्णायक मंडल की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
इस दौरान खिलाड़ियों के अनुशासन, जोश और खेल भावना ने न केवल प्रतियोगिता की गरिमा को बढ़ाया, बल्कि दर्शकों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने का अवसर भी प्रदान किया।
दूसरे दिन कुल 10 सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए, जिनमें विभिन्न आयु वर्गों के बालक और बालिका खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
अंडर-14 बालक वर्ग: पटना ने पुणे के खिलाफ कड़े संघर्ष में 11-08 से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, लखनऊ ने हैदराबाद को 10-05 से हराकर अपनी जगह पक्की की।
अंडर-14 बालिका वर्ग: जयपुर ने एक रोमांचक मुकाबले में पटना को 04-03 से मात देकर फाइनल में कदम रखा।
अंडर-17 बालक वर्ग: पटना ने पुणे को 25-19 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि हैदराबाद ने भोपाल को 16-11 से पराजित किया।
अंडर-17 बालिका वर्ग: जयपुर की बालिकाओं ने हैदराबाद को 09-05 से हराकर अपनी दावेदारी मजबूत की।
अंडर-19 बालक वर्ग: इस वर्ग में तीन मुकाबले हुए। जयपुर ने लखनऊ को 17-08 से, पटना ने चंडीगढ़ को 09-07 से, और लखनऊ ने पुणे को 06-05 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
प्रतियोगिता की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए नवोदय विद्यालय समिति पटना संभाग के सहायक आयुक्त आर.के. चौधरी ने खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी समितियों को स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। जिनमें राजगीर के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य विनीत कुमार शुक्ला, पटना के डॉ. मुख्तार सिंह, शेखपुरा के विनय कुमार, कोडरमा के कुमार अश्विनी अमिताभ और शिवहर की प्राचार्या सुषमा सिन्हा आदि शामिल थे।
33वीं राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। फाइनल मुकाबलों के लिए विद्यालय परिसर और खेल मैदान को विशेष रूप से सजाया गया है। आयोजकों द्वारा सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि यह समापन समारोह यादगार बन सके।
बहरहाल इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। दर्शकों और आयोजकों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि खेल न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।





