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पेयजल को लेकर सड़क पर उतरे बड़ी पहाड़ी के लोग

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। लहेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़ी पहाड़ी के रविदास टोला में लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक सप्ताह से पानी और बिजली की नियमित आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल चौक-बड़ी पहाड़ी मार्ग को पानी की टंकी के पास बांस,बल्लों से जाम कर दिया। इस सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की स्थिति इतनी खराब है कि एक-एक बूंद पानी के लिए रोजाना घंटों जद्दोजहद करनी पड़ती है। हाल ही में आए आंधी-तूफान ने हालात को और बदतर कर दिया है। पहाड़ी पर बसे लोगों को पानी के लिए रोजाना नीचे उतरना पड़ता है। जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग पानी लाते समय फिसलकर गिर जाते हैं और पानी की तलाश में ही उनका पूरा दिन निकल जाता है।

वहीं पेयजल संकट के साथ-साथ बिजली आपूर्ति की स्थिति भी बेहद खराब है। लोगों का कहना है कि रात के समय बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अंधेरे के कारण इलाके में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।

सुरेंद्र दास ने गुस्से में कहा कि न पानी, न बिजली। हम लोग किस युग में जी रहे हैं? रात में अंधेरा छाया रहता है। जिससे बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती है और चोर-उचक्कों का डर अलग से सताता है।

सड़क जाम की सूचना मिलते ही 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लहेरी थानाध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से सड़क जाम हटा लिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों की मांग है कि रविदास टोला में पानी की टंकी और पाइपलाइन की व्यवस्था तुरंत शुरू की जाए। रात के समय बिजली कटौती को रोका जाए और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अंधेरे के कारण बढ़ रही असुरक्षा को देखते हुए इलाके में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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