बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। अस्थावां थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में चोरी की अब तक की सबसे बड़ी वारदात सामने आई है। महमदपुर पंचायत के पूर्व मुखिया स्वर्गीय अनिल कुमार के पैतृक घर को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
ताला तोड़ा, नया लगाया… और निकल गएः गृहस्वामी रीना सिन्हा ने बताया कि पूरा परिवार फिलहाल बिहारशरीफ के एतवारी बाजार में रहता है। 30 जनवरी को स्वर्गीय अनिल कुमार की पुण्यतिथि के अवसर पर शेरपुर स्थित पैतृक आवास पर पूजा-पाठ का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी लोग वापस बिहारशरीफ लौट गए, जिससे गांव का घर खाली हो गया।
इसी अवसर का लाभ उठाते हुए चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर रखी गोदरेज अलमारी को निशाना बनाते हुए करीब 3 किलो सोना, लगभग 8 किलो चांदी के कीमती बर्तन और 50 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी की कुल कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरों ने पुराने ताले को तोड़कर उसकी जगह नया ताला लगा दिया, ताकि किसी को तुरंत शक न हो। जाते-जाते वे ऊपर का दरवाजा खुला छोड़ गए। जब ग्रामीणों ने दरवाजा खुला देखा तो उन्हें संदेह हुआ और इसकी सूचना गृहस्वामी को दी गई।
पुलिस महकमे में हड़कंपः घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। आनन-फानन में डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। घटनास्थल की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में छानबीन कर रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इस चोरी के बाद दहशत में लोगः इतनी बड़ी चोरी की घटना से परिवार गमगीन है। वहीं शेरपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से शीघ्र खुलासा करने और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
अस्थावां क्षेत्र में अब तक की इस सबसे बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि जब एक प्रभावी पूर्व मुखिया का घर सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या भरोसा?
समाचार स्रोत: राजीव / मीडिया रिपोर्ट्स
