नालंदापर्यटनबिग ब्रेकिंगराजगीर

नव वर्ष-2024 का पहला दिन 1 जनवरी को बंद रहेगा राजगीर नेचर-जू सफारी

नालंदा दर्पण डेस्क। नव वर्ष-2024 का पहला दिन यानि 1 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन राजगीर अवस्थित नेचर सफारी एवं जू सफारी बंद रहेगा।

बिहार समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में पर्यटक 1 जनवरी की छुट्टियां मनाने राजगीर पहुंचते हैं। हालांकि नेचर सफारी और जू सफारी के अलावे दर्जनों ऐसे भ्रमणशील स्थल हैं, जहां पर्यटक नव वर्ष मना सकते हैं। यहाँ लोग घोड़ा कटोरा, पांडू पोखर, विश्व शांति स्तूप, सोन भंडार, गर्म धारा, रोपवे समेत पंच पहाड़ियों और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं।

जू सफारी के निदेशक के हवाले से खबर है कि पर्यटकों की अप्रत्याशित भीड़ और सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया है। 1 जनवरी को जू एवं नेचर सफारी बंद रहेंगे। हालांकि 31 दिसंबर को और 2 जनवरी से पूर्ववत समय से दोनों भ्रमण स्थल खुले रहेंगे।

जू सफारी में जहां पर्यटक वन विभाग की बंद गाड़ियों में बैठकर खुले में विचरण करते हुए जंगली जानवरों का आनंद लेते हैं तो वहीं नेचर सफारी में एक से बढ़कर एक एडवेंचर लगाए गए हैं। जिनमें जीप लाइन, ग्लास ब्रिज, सस्पेंशन ब्रिज, स्काईवॉक समेत चिल्ड्रेन पार्क और भी कई तरह के मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं।

[embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=WtrSQIKxF1w[/embedyt]

[embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=q4ECBKxcNao[/embedyt]

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »