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श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का संगम बनेगा राजकीय राजगीर मलमास मेला, प्रशासन ने कसी कमर

प्रमुख अधिकारियों ने मेला व्यवस्थाओं का जायजा लिया, सुरक्षा एवं सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां जोरों पर

राजगीर (नालंदा दर्पण)। आस्था और परंपरा के प्रतीक राजकीय राजगीर मलमास मेला को इस वर्ष ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 17 मई से शुरू होने वाले इस भव्य मेले को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। मेला क्षेत्र में जहां आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है, वहीं सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी व्यापक कार्ययोजना पर अमल शुरू हो चुका है।

मेला की बंदोबस्ती को लेकर ठेकेदारों के बीच सरगर्मी तेज है। अलग-अलग गुट आपसी बैठक, समन्वय और रणनीति के जरिए बंदोबस्ती हासिल करने में जुटे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बंदोबस्ती से लेकर संचालन तक हर स्तर पर पारदर्शिता और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

मेला की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मेला स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता के बाद प्रशासनिक अमला और भी सतर्क हो गया है।

जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार, उप विकास आयुक्त शुभम कुमार और नगर आयुक्त कुमार निशांत विवेक द्वारा अलग-अलग समय पर राजगीर स्थित मेला क्षेत्र का जायजा लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पेयजल, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई, बिजली आपूर्ति और रात्रि प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन इस बार प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है। संभावित लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए पार्किंग स्थल, प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन की विस्तृत योजना तैयार की गई है।

सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी मेला थाना, पुलिस चौकी और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी होगी, वहीं दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जा रही है।

मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। थियेटर, सर्कस, प्रदर्शनी, मौत का कुआं और झूले जैसे आकर्षणों के लिए निर्धारित स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए अस्थायी शिविर, टेंट सिटी, प्रवचन स्थल और सामुदायिक सुविधाओं की व्यवस्था समय से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। डीडीसी, एसडीओ और सहायक समाहर्ता द्वारा किए गए भौतिक निरीक्षण में संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने को कहा गया है।

प्रशासन का दावा है कि इस बार का राजकीय मलमास मेला न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि व्यवस्थाओं के लिहाज से भी मिसाल बनेगा। श्रद्धा, सुरक्षा और सुविधा के संगम के साथ यह मेला श्रद्धालुओं की स्मृतियों में लंबे समय तक जीवित रहेगा। स्रोत : राजगीर रिपोर्टर

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