गया जंक्शन पर शेखपुरा-नयी दिल्ली स्पेशल ट्रेन के AC कोच में हंगामा
कुछ यात्रियों ने कोच की हालत को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर दीं, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ने लगा। यात्रियों ने ट्वीट कर रेलवे की लापरवाही की शिकायत की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर भारतीय रेलवे की तकनीकी खामियां सामने आई हैं। देर रात गया जंक्शन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शेखपुरा से नयी दिल्ली जा रही स्पेशल ट्रेन (संख्या 04063) के एक एसी कोच का शीतलन प्रणाली पूरी तरह से फेल हो गई। जैसे ही ट्रेन गया स्टेशन पर रुकी, यात्रियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गर्मी के इस चरम दौर में जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है, उस स्थिति में एसी का फेल होना यात्रियों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं था। यात्रियों ने बताया कि कोच के अंदर गर्म हवा और उमस इतनी बढ़ गई कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया। कई यात्री इतने परेशान हो गए कि उन्हें ट्रेन से उतर कर प्लेटफॉर्म पर आना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने कोच की हालत को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर दीं, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ने लगा। यात्रियों ने ट्वीट कर रेलवे की लापरवाही की शिकायत की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया जंक्शन के अधिकारी और आरपीएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी टीम को बुलाया और खराब एसी कोच को तत्काल हटाकर नया कोच जोड़ा गया। करीब एक घंटे की प्रक्रिया के बाद ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया।
घटना के बाद राहत मिलने पर कई यात्रियों ने रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। शेखपुरा निवासी यात्री रमेश कुमार ने बताया कि हम तो सोच ही नहीं पा रहे थे कि दिल्ली तक का सफर इस गर्मी में कैसे करेंगे। लेकिन रेलवे ने जो तेजी दिखाई, उससे हमें काफी राहत मिली।
वहीं, गया की ही एक महिला यात्री सुनीता देवी ने बताया कि बच्चों के साथ यात्रा कर रही थी। एसी बंद होने से हालत बहुत खराब हो गई थी। लेकिन नया कोच जुड़ने के बाद स्थिति संभल गई। रेलवे ने अच्छा काम किया।
वहीं गया जंक्शन के वरिष्ठ अधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि हम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। जैसे ही सूचना मिली, तुरंत वैकल्पिक कोच की व्यवस्था की गई। भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों। इसके लिए हम एसी कोचों की नियमित जांच प्रक्रिया को और सख्त कर रहे हैं।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब एसी कोच की खराबी ने यात्रियों को परेशानी में डाला हो। कुछ महीने पहले पूर्णिया-हटिया एक्सप्रेस में भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। जब एसी फेल हो गया था और यात्रियों को कई घंटे बिना शीतलन के सफर करना पड़ा था।
हर साल गर्मी के मौसम में ट्रेनों के एसी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके चलते तकनीकी खराबियां सामने आती हैं। रेलवे के सामने यह बड़ी चुनौती बनती जा रही है कि वो अपने सिस्टम को कैसे और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाए।
गया जंक्शन पर हुई यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते एसी कोचों की जांच और मरम्मत बेहद जरूरी है। हालांकि इस बार रेलवे की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को संभाल लिया, लेकिन ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार करना बेहद जरूरी है।










